रामगढ़ बांध में पानी के लिए आंदोलन की तैयारी में युवा

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साधाली हनुमान मंदिर पर हुई मीटिंग

जमवारामगढ़/ विकास शर्मा। रामगढ़ बांध वर्षों से सूखा पड़ा है। कारण है बांध में पानी लाने वाली नदियों के बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण। कई सालों से हाईकोर्ट भी इन अतिक्रमणों को हटवाने के लिए प्रयासरत है, लेकिन सरकार और प्रशासन की अनदेखी से न तो अतिक्रमण हट रहे हैं और न ही बांध में पानी आ पा रहा है। प्रशासन ने तो अतिक्रमण हटाने के बजाय एक कदम और आगे बढ़ते हाईकोर्ट के आदेशों को धता बताकर बहाव क्षेत्र में पिछले दिनों सड़क ही बनवा दी। वहीं क्षेत्र के लोग भी इस बांध को सूखने से चिंतित तो हैं, लेकिन उनका आंदोलन और चिंता सोशल मीडिया और छोटी-मोटी मीटिंगों से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। ऐसे में बांध क्षेत्र में पानी लाने के प्रयासों पर चर्चा के लिए रविवार को एक बार फिर मीटिंग का आयोजन हुआ थौलाई के समीप स्थित साधाली हनुमान मंदिर पर।
मीटिंग के दौरान बांध को ईआरसीपी योजना को शीघ्र शुरू करवाने के लिए बड़े आंदोलन की नींव रखने पर चर्चा की गई। इस आंदोलन में पूरे जमवारामगढ़ विधानसभा को जोड़ा जाएगा। आगामी मीटिंग रविवार 12 जून को बूज व धुलारावजी गांवों में रखी जाएगी। नीरज थौलाई ने बताया कि रामगढ़ बांध ने सालों तक हमे अमृत प्रदान किया है,अब कर्ज उतारने का मौका है। इसलिए ईआरसीपी योजना को लागू कर रामगढ़ बांध में पानी लाने का प्रयास किया जाएगा।

हर गांव-ढाणी में जगाएंगे लोगों को-राजेन्द्र आंधी

भाजपा नेता राजेन्द्र शर्मा आंधी ने बताया कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग तेज होने लगी है। पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग को लेकर नवयुवकों की टीमें गांव -गांव व ढाणी -ढाणी में जाकर इस योजना की विस्तृत जानकारी देकर ग्रामीणों को जागरूक करने का काम कर रही हैं। जागरुकता टीम के सदस्य आंधी, जमवारामगढ़ क्षेत्र के गांव व  ढाणियों में पहुंच रहे हैं। जहां बैठक आयोजित कर वहां के लोगों को पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के लाभ बताकर इस योजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने के लिए मांग तेज करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। सद्दाम खान ने बताया कि बैठक में पंपलेट वितरित कर बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य हर गांव व हर ढाणी के लोगों को पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के बारे में जानकारी देना है। ताकि क्षेत्र में व्याप्त पानी की समस्या से छुटकारा मिल सके। इस दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में एक ही मांग एक ही नारा जमवारामगढ़ बांध में पानी लाना का स्लोगन दिया।

अब समझौता नहीं करेंगे

रामअवतार भारतीय ने कहा कि राजस्थान नहर हमारी जीवन रेखा है और हम जीवन रेखा के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे। हमें हर हाल में नहर का पानी जमवारामगढ़ बांध में चाहिए। सभी नौजवानों ने मिलकर ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने व जमवारामगढ़ बांध में पानी लाने के लिए विचार-विमर्श, आगे की रणनीति व अन्य जन समस्याओं पर चर्चा की गई। सभा में चर्चा की गई कि क्षेत्र के सभी लोगों को मिलकर इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करवाना है। ईआरसीपी परियोजना हमारे क्षेत्र के लिए काफी जरूरी है इस परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद जमवारामगढ़ बांध में पानी लाया जा सकता है, जिससे पानी की समस्या से निजात मिल सके और रोजगार बढ़ सकें।

इस दौरान राजेंद्र शर्मा आंधी, पूर्व सरपंच रामरतन तंवर, राकेश गदली, गोपाल शंकरपुरा, हनुमान फागणा भगवानपुरा, रामवतार भारतीय, रामबाबू भिंडा, रामफूल मीणा रामनगर, रोशन तंवर, रामकरण सेक्रेटरी थौलाई, किशन मीणा थली, विक्रम थौलाई, राकेश सानकोटडा, सद्दाम खान आंधी, सीताराम शर्मा रायपुर सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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