यह जानकर चौंक जाएंगे आप! नौकरी सरकारी, तनख्वाह ढाई रुपया

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जयपुर। महंगाई के इस दौर में जहां मोटी तनख्वाह पाने वालों के भी पसीने आ रहे हैं। वहीं सरकारी दफ्तर में नौकरी करने वाले एक शख्स की तनख्वाह जानकर आप चौंके बिना नहीं रह पाएंगे। साथ ही वह व्यक्ति किन हालात में अपना व परिवार का पेट पाल रहा होगा। यह बात आपको अंदर तक हिला कर रख देगी। अब हम आपको बताते हैं उस शख्स के बारे में जो कहने को तो नौकरी सरकारी कर रहा है, लेकिन उससे वेतन मिल रहा है मात्र ढाई रुपए रोज यानि महीन के 75 रुपए। ये शख्स हैं टोंक के रहने वाले दूल्हे मियां। दूल्हे मियां टोंक जिले के सीएमएचओ कार्यालय में फोर्थ क्लास कर्मचारी हैं और पिछले 24 साल से महज ढाई रुपए रोज पर नौकरी कर रहे हैं। देशभर में शायद ये एकमात्र सरकारी कर्मचारी होंगे, जिनका वेतन इस दौर में भी मात्र 75 रुपए महीना है।

जहां एक ओर पूरे देश में सरकारी कर्मचारी सातवां वेतन आयोग लगने के बाद मोटी तनख्वाह पा रहे हैं। वहीं दूल्हे मियां के लिए स्थिति राजस्थानी कहावत सावन सूखा न भादो हरा जैसी है। दूल्हें मियां के काम से उनके कार्यालय में हर छोटा-बड़ा कार्मिक काफी खुश है। वो किसी से कभी बुरा बर्ताव नहीं करते हैं। लेकिन दूल्हे मियां खुद बेहद दयनीय स्थिति से गुजर रहे हैं। उनके आर्थिक हालात यहां किसी छिपे नहीं हैं, लेकिन फिर भी उनकों किसी पर तरस नहीं आ रहा है।

वर्ष 1998 में लगे थे पार्ट टाइमर

दूल्हे मियां बताते है कि वर्ष 1998 में उनको पार्ट टाइमर के रूप में सरकारी विभाग में रखा गया था। वर्तमान में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में लगा रखा है। उनको न तो सरकार ठेका कर्मी मान रही है और न ही संविदाकर्मी। ऐसे में उन्हें संविदा और ठेके पर लगे कार्मिकों जितना वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। जबकि उनके साथ और उनके बाद लगे अधिकतर कर्मचारी नियमित हो गए। ऐसे में उन्हें वेतन भी काफी ज्यादा मिल रहा है। बताया जा रहा कि वर्ष 1998 में एक योजना के तहत उसे प्रतिदिन ढाई रुपए के हिसाब से लगाया गया था। उसके दस्तावेज विभाग के पास नहीं है। ऐसे में वह नियमित नहीं हो पाया।

न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिल रही

राज्य सरकार के न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के हिसाब से भी न्यूनतम मजदूरी प्रतिदिन 252 रुपए दिए जाने चाहिए। अकुशल श्रमिक के रूप में यदि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मानते हैं तो भी, और यदि डिलीवरी ब्वॉय डाक बांटने वाला मानते हैं तो भी यह रकम प्रतिदिन के हिसाब से 6552 रुपए बनती है।

विभाग ने थमाया रिटायरमेंट का लेटर

दूल्हे मियां की परेशानियां यही खत्म नहीं हुई है। मामला सुर्खियों में आने के बाद अब सीएमएचओ कार्यालय ने उन्हें रिटायर करने की तैयारी कर ली है और इसी महीने रिटायरमेंट करने का लेटर उन्हें थमा दिया गया है। वहीं दूल्हे मियां का मामला कोर्ट में विचाराधीन है और मामले को लेकर कुछ जागरूक लोगों ने मानव अधिकार आयोग का दरवाजा भी खटखटाया है।

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