Why Were Twin Towers Demolished: आखिर क्यों ढहा दिए गए नोएडा के ट्विन टावर

Spread the love

नई दिल्ली। नोएडा में सुपरटेक ट्विन टावर, जो कुतुब मीनार से भी ऊंचे थे। उन्हें रविवार दोपहर 2.30 बजे जमीन पर गिरा दिया गया। इसको लेकर नौ साल बाद यहां के निवासियों ने अदालत में मानदंडों के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्हें नष्ट करने के लिए 3,700 किलोग्राम विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था।

आखिर क्यों तोड़ा गया ट्विन टावर को जानिए यहां-

अदालत ने एमराल्ड कोर्ट सोसाइटी परिसर में निर्माण के दौरान मानदंडों का उल्लंघन पाया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन्हें गिराने का आदेश दिया गया था। नोएडा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में इन भवनों को कंपनी द्वारा अपने खर्चे पर गिराने का आदेश दिया गया था।

जब सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट हाउसिंग सोसाइटी के नक्शे को मंजूरी दी गई थी, तो भवन योजना में 14 टावर और नौ मंजिलें दिखाई गईं। बाद में, योजना को संशोधित किया गया और बिल्डर को प्रत्येक टावर में 40 मंजिल बनाने की अनुमति दी गई। जिस क्षेत्र में टावरों का निर्माण किया गया था, वहां मूल योजना के अनुसार एक बगीचा बनाया जाना था।

इसके बाद, सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट सोसायटी के निवासियों ने 2012 में निर्माण को अवैध बताते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि सुपरटेक समूह ने अधिक फ्लैट बेचने और अपने लाभ मार्जिन को बढ़ाने के लिए मानदंडों का उल्लंघन किया। इस पर 2014 में, अदालत ने प्राधिकरण को आदेश दायर करने की तारीख से चार महीने के भीतर (अपने स्वयं के खर्च पर) टावरों को ध्वस्त करने का निर्देश दिया।

इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट चला गया। सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि नोएडा के अधिकारियों की मिलीभगत से बिल्डर द्वारा भवन के मानदंडों का उल्लंघन किया गया था।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के समर्थन और विरोध में होमबॉयर्स द्वारा सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं प्रस्तुत की गईं। इन सबके बाद पिछले साल अगस्त में कोर्ट ने टावरों को गिराने के लिए तीन महीने का समय दिया था, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते इसमें एक साल लग गया।

About newsray24

Check Also

Jaipur के दो युवा मूर्तिकारों ने बनाई सम्राट पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा, गुजरात में होगी स्थापित

Spread the love जयपुर। जयपुर के दो युवा मूर्तिकारों द्वारा बनाई गई महान सम्राट पृथ्‍वीराज …

Leave a Reply

Your email address will not be published.