राजे को दिखा करणी माता मंदिर में सफेद चूहा

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इस सरकार में एक कुर्सी छोड़ना नहीं चाहता तो दूसरा गुट कुर्सी हासिल करने के लिए अड़ा हुआ-वसुन्धरा राजे

बीकानेर में उमड़ी भीड़

जयपुर/बीकानेर।
पूर्व सीएम व भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुन्धरा राजे ने देशनोक में करणी माता,मुक़ाम में विश्नोई सम्प्रदाय के गुरु जम्भेश्वर भगवान और बीकानेर में गढ़ गणेश जी के दर्शन किए। करणीमाता दर्शन के दौरान उन्हें सफ़ेद चूहा भी दिखाई दिया। इस दौरान उन्होंने कहा है कि इस सरकार में एक कुर्सी छोड़ना नहीं चाहता तो दूसरा गुट कुर्सी हासिल करने के लिए अड़ा हुआ है। इन्हें जनता से कोई मतलब नहीं है। जनता जानती है कि उसके कुशासन भरे 4 साल कैसे निकले। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को प्रदेशवासियों ने सत्ता सौंपी थी,लेकिन उन्होंने जनता की नहीं सुनी। जनता के साथ विश्वासघात किया। जनता की नहीं कुर्सी की चिंता की। लेकिन अब समय आ रहा है हम सब मिलकर फिर से नया राजस्थान बनाएँगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ मजबूत करेंगे।
उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत झूँठे वादे करने में माहिर है, चुनाव में किया गया 10 दिन में किसानों की क़र्ज़ माफ़ी का वादा आज तक पूरा नहीं हुआ।अब जनता पछता रही है। इंग्लिश मीडियम स्कूल खोल दिए पर उनमें हिंदी मीडियम के अध्यापक है।पिछले चार सालों में हमारे प्रदेश तरक़्क़ी रुक गई है। अब हम सब मिल कर फिर से प्रगति के पथ पर राजस्थान को आगे बढ़ायेंगे। देश का सिरमोर बनाएँगे।
राजे ने कहा कि मैंने हमेशा लोगों की सेवा करने का प्रयास किया। सबको गले से लगा कर आप सब के साथ चलने का प्रयास किया उन्होंने कहा कि क़रीब चार सालों से राजस्थान में अपराध,अन्याय और आतंक का जो वातावरण बन गया है उसको भगवान के आशीर्वाद से बदलेंगे।समय आ रहा है मिलकर नया राजस्थान बनाएँगे। उन्होंने कहा कि राजनीति में घृणा और नफ़रत नहीं प्रेम होना चाहिये।
भीड़ में बैठे सांसद दुष्यंत
पूर्व सीएम के पुत्र व झालावाड़ बारां में 4 बार के सांसद दुष्यंत सिंह उनकी माँ की देव दर्शन यात्रा में अलग ही नज़र आए।
बीकानेर में वो श्रोताओं के बीच ज़मीन पर बैठे नजर आए। मंच से बहुत दूर रहे। वे उनके साथ हेलिकॉप्टर में भी नही बैठे।
जब राजे ने सम्बोधन में अन्य सांसदो के साथ उनका नाम पुकारा तो वे कहीं नजर नही आए।किसी ने बताया तब राजे को पता चला कि वे तो सामने भीड़ में बैठ कर उनका भाषण सुन रहे है।देशनोक में भी वे मंच पर नही बैठे भीड़ में ही नज़र आए। उनका यह अन्दाज़ सब के लिए चर्चा का विषय रहा।

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