जब ट्रेन में छुपकर अयोध्या के लिए गए थे कारसेवक

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कोटा के हनुमान शर्मा ने बताया संस्मरण

कोटा। 1990 की पहली कार सेवा में स्टेशन क्षेत्र के कार्यकर्ता जत्थो को कोटा रेलवे स्टेशन पर छोड़ने जाते थे। गगन भेदी जयकार लगते राम लला हम आएंगे मंदिर वही बनायेगे, सौगन्ध राम की खाते है हम मंदिर वही बनायेगे इस कारण से अंतिम जत्थे में जाने का आदेश मिला।

कोटा के दाऊदयाल जोशी सांसद भी दिल्ली जा रहे थे। पकड़ा धकडी तेज हो गयी थी। ऐसे में अयोध्या पहुचना था। गोल्डन टेम्पल मेल में प्रातः 11:15 बजे कोटा जंक्शन से दिल्ली के लिये सैकड़ो कार सेवको ने प्रस्थान किया उस समय राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी। भरतपुर जंक्शन पर जबरदस्त पुलिस की फोर्स
इंतजार करती रहती थी। ट्रेन आते ही एक एक डिब्बे की तलाशी लेकर कार सेवको को उतार लेती थी।
जैसे ही भरतपुर आने लगा दाऊजी ने कहा हनुमानजी कुछ सोचा क्या करोगे, मेने कहा सारा प्रबंध कर लिया है।

माननीय दाऊजी, हनुमान शर्मा, रविन्द्र सिंह निर्भय, वासुदेवपाल ओर संजीव माथुर हम सभी रसोईयान में गये उसके मैनेजर से मैने पहले ही बात कर ली थी, मैनेजर रूम में हम बेठ गये बाहर से ताला लगवा दिया इतने में भरतपुर आ गया बहुत सारे कार सेवको को पकड़ लिया।जय श्रीराम के जयकारे लगने लगे।
हम चुपचाप बैठे रहे रसोईयान में तेज पदचाप की आवाज आते ही सांस रोक लेते गाड़ी चलने पर राहत की सांस ली फिर तो उसी रूम यानी केबिन में दिल्ली तक गये। दूसरे दिन अयोध्या की ओर प्रस्थान किया।

दिल्ली से अयोध्या हम चार जनो ने प्रस्थान किया परन्तु कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार कर फतहगढ़ सेंट्रल जेल भेज दिया। उत्तर प्रदेश की सारी जेल भर गई, स्कूलों इत्यादि को जेल बना दिया वह भी कम पड़ गए। जहाँ देखो वहा कार सेवक ही कार सेवक मुलायम सिंह सरकार को धता बता दिया था।


सदभावना सहित
हनुमान शर्मा
कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष
लोकतंत्र रक्षा मंच, राजस्थान
राष्ट्रीय सलाहकार, अखिल भारतीय हरियाणा गौड़ ब्राह्मण महासभा जयपुर
पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, भाजपा राजस्थान
मो- 9214631111
– 9413222288

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