4 साल की बच्ची का पुनर्जन्म, घर वालों को बताया कब और कैसे हुई मौत

Spread the love

राजसमंद, 3 फरवरी। राजस्थान के राजसमंद जिले में एक चार साल की बच्ची के पुनर्जन्म का मामला सामने आया है। 4 साल की इस बच्ची ने अपने पुनर्जन्म को लेकर स्वयं दावा किया है। बच्ची की बातों से मां-बाप से लेकर रिश्तेदार और ग्रामीण सब अचंभित हैं।
चार साल की इस मासूम ने पिछले जन्म की जो भी बातें और किस्से बताएं हैं, वे अभी तक सब सच निकले हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इससे पहले वाले जीवन के बारे में जैसे कि उसकी मौत कब और कैसे हुई, बच्ची यह सब बताती है।
यह मामला है राजसमंद जिले के नाथद्वारा से सटे गांव परावल का। यहां के रतनसिंह चूंडावत की 5 बेटियां हैं। पिछले एक साल से उनकी सबसे छोटी बेटी 4 साल की किंजल बार-बार अपने भाई से मिलने की बात कह रही थी। किंजल के दादा राम सिंह चुंडावत कहते हैं कि उन्होंने पहले तो इस पर ध्यान नहीं दिया। दो माह पहले जब किंजल की मां दुर्गा ने किंजल को अपने पापा को बुलाने को कहा तो वह बोली पापा तो पिपलांत्री गांव में हैं। पिपलांत्री वही गांव है, जहां ऊषा नाम की एक महिला की जलने से मौत हो गई थी। किंजल पिपलांत्री को अपना गांव बताती है और स्वयं का नाम ऊषा बताती है। किंजल के अभी के गांव से पिपलांत्री करीब 30 किलोमीटर दूर है।
ऊषा के गांव पिपलांत्री के लोगों के अनुसार नौ साल पहले आग से जलकर ऊषा की मौत हो गई थी। मां दुर्गा के बार-बार पूछने पर किंजल बताती है कि उसके मां-बाप और भाई समेत पूरा परिवार पिपलांत्री में ही रहता है। वह 9 साल पहले जल गई थी। इस हादसे में उसकी मौत हो गई और एंबुलेंस उसे यहां छोडक़र चली गई। किंजल ने बताया कि उसके परिवार में दो भाई-बहन हैं। पापा ट्रैक्टर चलाते हैं। किंजल ने बताया कि उसका पीहर पीपलांत्री और ससुराल ओडन में है।
किंजल की इस तरह की बातें पिपलांत्री के पंकज के पास पहुंची तो वह परावल आया। पंकज ऊषा का भाई है। पंकज कहता है कि जैसे ही किंजल ने उसे देखा तो किंजल की खुशी का ठिकाना न रहा। फोन में मां और ऊषा का फोटो दिखाया तो वह जोर-जोर से रोने लगी। इसी 14 जनवरी को किंजल अपनी मां और दादा सहित परिवार के साथ पिपलांत्री पहुंची।
ऊषा की मां गीता पालीवाल ने बताया कि जब किंजल उनक घर आई तो ऐसा लगा कि जैसे बरसों से वह यहीं रह रही हो। गांव की जिन महिलाओं को वह पहले से जानती थी, उसने महिलओं से खूब बातें की। यहां तक कि जो फूल वाले पौधे ऊषा को पसंद थे, उसके बारे में किंजल ने पूछा कि वो फूल अब कहां है। तब हमने बताया कि 7-8 साल पहले हटा दिए। दोनों छोटी बेटियों और बेटों से भी बात की।
गीता ने बताया कि उनकी बेटी ऊषा 2013 में घर में काम करते वक्त गैस चूल्हे से झुलस गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। ऊषा के दो बच्चे भी हैं। इसके बाद किंजल और ऊषा के परिवारों में अनूठा रिश्ता बन गया। किंजल रोजाना परिवार के प्रकाश और हिना से फोन पर बात करती है। ऊषा की मां कहती हैं कि हमें भी ऐसा लगता है कि मानों हम ऊषा से ही बात कर रहे हों। ऊषा भी बचपन में ऐसे ही बातें करती थी। हालांकि, उम्र कम होने के कारण किंजल अभी ठीक तरह से बोल नहीं पाती है। किंजल के परिवार वाले पहले इसे बीमारी मानकर किंजल को चिकित्सकों के पास भी ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने चेकअप के बाद उसे पूरी तरह स्वस्थ बताया है। चिकित्सकों के अनुसार कई बार कुछ बच्चों को पिछले जन्म की बातें याद रह जाती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *