उत्तर प्रदेश बन रहा है एक्सप्रेस वे प्रदेश

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बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का प्रारंभ आज से


लखनऊ.
उत्तरप्रदेश तेजी से एक्सप्रेस वे प्रदेश बनता जा रहा है। इसी कड़ी में पीएम मोदी शनिवार को उत्तर प्रदेश के एक दिवसीय दौरे पर जाएंगे और बुंदेलखंड एक्सप्रेस.वे का उद्घाटन करेंगे। ज्ञात हो पीएम मोदी ने फरवरी 2020 में इस एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखी थी। 296 किलोमीटर लंबा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे अब सिर्फ सफर को ही कम नहीं करेगा बल्कि इस इलाके की तस्वीर भी बदल देगा।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने बुधवार को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 16 जुलाई को उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे और लगभग 11.30 बजे जालौन जिले की उरई तहसील के कैथेरी गांव में बुंदेलखंड एक्सप्रेस.वे का उद्घाटन करेंगे।
इस एक्सप्रेस.वे का काम 28 महीने के भीतर पूरा कर लिया गया है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के तत्वावधान में लगभग 14 हजार 850 करोड़ रुपए की लागत से 296 किलोमीटर फोर.लेन एक्सप्रेसवे का निर्माण किया गया है और बाद में इसे छह लेन तक भी विस्तारित किया जा सकता है।
यह चित्रकूट जिले में भरतकूप के पास गोंडा गांव में एनएच.35 से इटावा जिले के कुदरैल गांव तक फैला हुआ है जहां यह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के साथ मिल जाता है। यह सात जिलों चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा से होकर गुजरता है। एक्सप्रेस.वे के बगल में बांदा और जालौन जिलों में औद्योगिक कॉरिडोर बनाने का काम शुरू हो चुका है।
पूरे प्रदेश में तेजी से विभिन्न एक्सप्रेस.वे का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इनमें से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो गया है जिसे पीएम मोदी 16 जुलाई को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ज्ञात हो हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क की आधारशिला रखी थी। वहीं अब आने वाले समय में दुनिया के कई देशों से अधिक एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी यूपी में होगी।
निर्माण कार्य पूरा होने के साथ ही उत्तर प्रदेश 13 एक्सप्रेसवे वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। बता दें 3200 किलोमीटर के कुल 13 एक्सप्रेसवे में से सात पर तेजी से काम चल रहा है जबकि छह एक्सप्रेसवे संचालित हैं। 296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के बाद बुंदेलखंड दिल्ली से सीधे जुड़ जाएगा।
इसी के साथ दशकों से पिछड़ा बुंदेलखंड अब सीधे दिल्ली से जुडऩे वाला है। डीएनडी फ्लाइवे नौ किलोमीटर, नोएड.ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे 24 किलोमीटर, यमुना एक्सप्रेसवे 165 किलोमीटर, आगरा.लखनऊ एक्सप्रेसवे 135 किलोमीटर और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे 296 किलोमीटर कुल 630 किलोमीटर की यात्रा दिल्ली से चित्रकूट तक निर्बाध गति से की जा सकेगी। बुंदलेखंड एक्सप्रेसवे लोगों को दिल्ली सहित अन्य राज्यों से भी जोड़ेगा। इससे चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा आदि जिलों के लोग लाभान्वित होंगे।
अब जाकर एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों की दशकों पुरानी मांग को वर्तमान सरकार ने पूरा किया है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे इसका उदाहरण है। साथ ही 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेस वे का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी ने किया है। यह एक्सप्रेसवे न केवल पूरब और पश्चिम की दूरी को कम करेगा बल्कि दिलों को भी जोडऩे का कार्य करेगा। इसके अलावा लखनऊ.कानपुर एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, गाजीपुर.बलिया.मांझीघाट एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है।

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