यूपी की सडके बनेगी हर्बल रोड

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पर्यावरण के साथ मिलेगी औषधियां भी


लखनऊ.
उत्तरप्रदेश सरकार हरियाली बढ़ाने में उन पौधों का अधिक रोपण करने की योजना बना रही है जो प्राणवायु देने के साथ अपने फल-फूल आदि से आरोग्यदायक औषधियां प्रदान करते हैं। इन औषधीय गुणों वाले पौधों का दायरा सिर्फ घर के अहाते बाग, जंगल तक सीमित नहीं है बल्कि इसके लिए यूपी सरकार राज्य के कुछ सडक़ों को हर्बल मार्ग के रूप में भी विकसित कर रही है।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि हर्बल मार्ग बनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों की इम्यूनिटी क्षमता को बेहतर करने के साथ-साथ पर्यावरण को शुद्ध रखना है। हर्बल मार्गों को विकसित करने के लिए अलग से कोई धनावंटन निर्गत नहीं किया गया है बल्कि मौजूद संसाधन से ही जनहित व स्वास्थ्यवर्धन का यह कार्य कराया जा रहा है। हर्बल मार्गों पर विभिन्न औषधीय वृक्षों के होने से वायु प्रदूषण में कमी आयेगी साथ ही आमजन को औषधि भी प्राप्त होगी।
लोक निर्माण विभाग ने हर्बल मार्ग के लिए जिन पौधों का चयन किया है उनमें मासपर्णी, सप्तपर्णी, रतनजोत, जल नीम, छोटा नीम, सहजन, मेंथा, लेमनग्रास, भृंगराज, मुई, आंवला, ब्राह्मी, तुलसी, अनन्तमूल, ग्वारपाठा, अश्वगंधा, हल्दी आदि हैं। अपनी थाती आयुर्वेद में इन सभी पौधों के औषधीय महत्व का जिक्र है। वहीं एक हजार किलोमीटर में 40 हजार से अधिक पौधे रोपित किये जा चुके हैं।
इन औषधीय पौधों में विभाग के साथ सरकार का भी सहजन पर खासा जोर है। सहजन एक ऐसा पौधा है जिसके फूल, फल पत्ती यानि हर अंग में आरोग्यता प्रदान करने वाले पोषक तत्वों का खजाना है। यह इम्यूनिटी बूस्टर होने के साथ कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए संजीवनी समान है। इन्हीं खूबियों की वजह से सहजन को चमत्कारिक पौधा भी कहा जाता है। सरकार इसी मंशा के अनुरूप हर्बल मार्ग के साथ ही नवग्रह वाटिका, नक्षत्र वटिका, पंचवटी, गंगावन, अमृतवन जैसी योजनाओं को भी प्रमुखता से लागू कर रही है।

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