जर्मन जानने वालों को मिल सकेगा मोटा पैकेज

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टाटा संसल्टेंसी सर्विसेज ने किया जर्मनी के पोस्टबैंक सिस्टम्स का अधिग्रहण


जयपुर.
भारतीय कंपनियां अमेरिका के बाद अब यूरोप में भी अपना परचम फहरा रही हैं। इससे न केवल भारत की साख विश्व में बढ़ ऱही है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ रहा है बल्कि भारतीयों को रोजगार के नए अवसर भी मिल रहे हैं। हाल ही में टाटा गु्रप की प्रसिद्ध कंपनी टीसीएस ने जर्मनी के पोस्टबैंक सिस्टम्स का अधिग्रहण किया है। इससे जर्मन जानने वाले भारतीयों को अच्छे पैकेज पर रोजगार मिल सकेगा।
भारतीय आईटी कंपनी टीसीएस ने हाल ही में डॉयचे बैंक एजी से पोस्टबैंक सिस्टम्स एजी पीबीएस के 100 प्रतिशत शेयरों का अधिग्रहण किया है। अब पोस्ट बैंक सिस्टम्स के 1500 कर्मचारी टीसीएस के तहत काम कर रहे हैं जिन्हें जल्द से जल्द भारतीयों द्वारा बदला जाएगा क्योंकि ये कर्मचारी टीसीएस के लिए बहुत महंगे हैं। टीसीएस उन्हें प्रतिदिन औसतन 1000 यूरो तक का भुगतान कर रही है। जी हां इस पर विश्वास करना आसान नहीं है लेकिन यह सच है। टीसीएस के लिए वर्तमान में एक चुनौती यह है कि कंपनी को तैयार और प्रशिक्षित जर्मन भाषा संसाधनों की जरूरत है जो सिस्टम को संभाल सके। जानकारी के अनुसार कंपनी जल्द ही इन्हें बदलने की कोशिश करेगी। यह भारत में जर्मन भाषा सीखने वालों के लिए एक अच्छी खबर है।
अब आप थोड़ा पोस्टबैंक सिस्टम एजी के बारे में जरूर जानना चाहते होंगे।
पोस्टबैंक सिस्टम एक पूर्ण श्रेणी का कैप्टिव आईटी सेवा प्रदाता रहा है जो पूर्व पोस्टबैंक की आईटी क्षमता को बंडल करता है। कंपनी अपनी परियोजनाएंए अनुप्रयोग प्रबंधन और बुनियादी ढांचा संचालन सेवाएं विशेष रूप से पोस्टबैंक ब्रांडए बीएचडब्ल्यू बॉस्पार्कैस और डोयचे बैंक की सहायक कंपनियों को प्रदान करती रही है। पोस्ट बैंक सिस्टम्स का मुख्यालय बॉन जर्मनी में है जिसमें बॉन हैमेलिन फै्रकफर्ट, म्यूनिख, बर्लिन, सारब्रुकेन, हैम्बर्ग, हनोवर और नूर्नबर्ग से काम करने वाले लगभग 1500 कर्मचारी थे जो अब टीसीएस के लिए काम कर रहे हैं। यह कर्मचारी जब तक करेंगे तब तक की कंपनी अपने खुद के कर्मचारी उन की जगह तैयार नहीं कर लेती।
टीसीएस ने पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना ली है। व्हाइटलेन रिसर्च द्वारा आयोजित यूरोप में शीर्ष आईटी खर्च करने वाले संगठनों के सीएक्सओ के सबसे बड़े स्वतंत्र सर्वेक्षण में टीसीएस को हर साल ग्राहक संतुष्टि में प्रथम स्थान दिया गया है। टीसीएस को जर्मनी में शीर्ष नियोक्ता संस्थान द्वारा एक शीर्ष नियोक्ता के रूप में भी मान्यता प्राप्त है।
ई लैंग्वेज स्टूडियो के निदेशक और जर्मन स्पीकर्स क्ल्ब के संयोजक देवकरण सैनी ने बताया कि भारत में विशेषकर जर्मन भाषा जानने वालों के लिए खुशखबरी है। जो आईटी एक्सपर्ट जर्मन भाषा जानता है वह टीसीएस जर्मनी के लिए एप्लाई कर सकता है। अगर कोई आईटी एक्सपर्ट अगले कुछ माह में जर्मन भाषा सीख लेगा तो भी उसे अच्छा अवसर मिल जाएगा। इससे स्पष्ट है कि जर्मन भाषा जानने वालों के लिए पूरे विश्व विशेषकर यूरोप में क्वालिटी जॉब की भरपूर संभावनाएं है।

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