160 से 180 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ी ट्रेन

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कोटा मंडल में किया परीक्षण


जयपुर.
पश्चिमी-मध्य रेलवे के कोटा मंडल में कोटा-सवाई माधोपुर कोटा-नागदा खंड में 130 से 180 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से यात्री गाड़ी को चला कर रेल पथ की क्षमता का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। यह परीक्षण देश की पूर्ण स्वदेशी सेमी हाई स्पीड वंदे मातरम ट्रेन के कोच पर किया गया।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रोहित मालवीय ने बताया कि कोटा मंडल के लिये यह अवसर भारतीय रेलवे में ऐतिहासिक तौर पर जुडऩे के लिये जाना जाएगा। जब पश्चिम मध्य रेल के इस मंडल में कोटा-नागदा रेलखण्ड पर वन्दे भारत ट्रेन का स्पीड ट्रायल 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हुआ। इसी गति परीक्षण के दौरान सबसे पहले 26 अगस्त को भवानीमंडी से कोटा तथा कोटा से घाट का बराना के बीच कुछ रेल सेक्शनों में वंदे भारत ट्रेन के रैक को लोड रहित स्थिति में 180 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार पर चलाकर परीक्षण किया गया।
उल्लेखनीय है कि कोटा स्टेशन पर 24 अगस्त को स्पीड ट्रायल के लिए वन्दे भारत ट्रेन का रैक पंहुचा था। इस वन्दे भारत ट्रेन की प्रारंभिक जाँच के दौरान वॉशिंग पिट में धुलाई तथा साफ. सफाई की गयी। इसके अलावा ट्रेन के सभी प्रकार के इंस्ट्रूमेंट एवं पैनल की भी जांच की गयी। इस वन्दे भारत ट्रेन का कोटा-नागदा रेलखण्ड पर 26 अगस्त को विभिन्न स्पीड के स्तर पर स्पीड ट्रायल किया गया। वन्दे भारत ट्रेन का स्पीड ट्रायल आरडीएसओ लखनऊ टीम की उपस्थिति में किया गया।
मालवीय के अनुसार पश्चिम मध्य रेलवे के नागदा कोटा सवाई माधोपुर अप और डाउन लाइन पर रेल खंड पर वंदे भारत ट्रेन सेट का विस्तृत ऑसिलेशन गति परीक्षण किया गया है। आरडीएसओ (अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन) की टीम एक नई डिजाइन वाली वंदे भारत ट्रेन सेट के साथ 180 किमी प्रति घंटे की अधिकतम परीक्षण गति के साथ ट्रेन सेट के 16 डिब्बों के प्रोटोटाइप रैक के विस्तृत ऑसिलेशन परीक्षण का आयोजन कर रही है।
26 अगस्त को कोटा मण्डल में विभिन्न चरणों में परीक्षण किए गए। पहले चरण का परीक्षण कोटा और घाट का बराना के बीच दूसरा घाट का बराना और कोटा तीसरा ट्रायल कुर्लासी और रामगंजमंडी के बीच डाउन लाइन पर नॉन रिकॉर्डिंग चौथा और पांचवां परीक्षण कुर्लासी और रामगंज मंडी के बीच डाउन लाइन पर एवं छठा परीक्षण रामगंजमंडी और लबान डाउन लाइन पर किया गया। इसी दौरान कई स्थानों पर गति के कांटे ने 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार को छू लिया। 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वंदे भारत ट्रेन के 16 कोच के परीक्षण किए जाने के दौरान रेलवे बोर्ड के सदस्य दिनेश शर्मा कोटा आए और उन्होंने ट्रायल को दिखा और बाद में इस पर विस्तार से रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की।

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