छात्र-छात्राओं ने दी विभिन्न धार्मिक स्त्रोतों की प्रस्तुतियां

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मदनगंज किशनगढ़। श्री महाकाली माता मन्दिर समिति एवं हिन्दू आध्यात्मिक सेवा संस्थान, राजस्थान, इकाई-किशनगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में ‘स्तोत्र पाठ’ का कार्यक्रम, गुन्दोलाव झील के किनारे स्थित सुरम्य स्थली, काली माता मन्दिर परिसर में काचरिया पीठाधीश्वर अनंत विभूषित, आचार्य प्रवर जय कृष्ण देवाचार्य एवं महंत लक्षमण दास महाराज के पावन सानिध्य में तथा खांडल विप्र समाज के प्रदेश युवा अध्यक्ष कपिल चोटिया के मुख्य आतिथ्य तथा हिन्दू आध्यात्मिक सेवा संस्थान, राजस्थान के राष्ट्रीय संयोजक गुणवंत सिंह कोठारीसेवा भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री मूलचंद सोनी काली माता मंदिर समिति के संरक्षक राकेश काकड़ा तथा सांसद भागीरथ चौधरी एवं भाजपा नेता विकास चौधरी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। संस्थान जिला अध्यक्ष दीपक दीपक जोहरी राजेश नहवाल सचिव मुकेश काकड़ा अशोक शर्मा आलोक शर्मा राजेंद्र सेन सुरेश शर्मा नीरज पँवार ने अतिथियों का माला अर्पण कर स्वागत किया इस कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के 165 छात्र- छात्रों ने शिव स्तोत्र सरस्वती स्तोत्र हनुमान स्तुति काली स्तुति भक्तामर स्तोत्र भैरव अष्टक आदि की संगीतमय सुंदर प्रस्तुतियां दी जिसे सुनकर सभी श्रोता मंत्रमुग्ध छात्र छात्राओं ने देवताओं के स्तोत्र एवं श्लोकों की एक से बढ़कर एक संगीतमय प्रस्तुतियां दी भाग लेने वाली सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह एवं पुस्तकें पुरस्कार स्वरूप प्रदान की गई
कार्यक्रम का श्रीगणेश पंडित राजेश काकड़ा के निर्देशन में गणेश जी एवं शक्ति स्वरूपा कालीमाता के समक्ष वैदिक एवं लौकिक मंगलाचरण के साथ दीप प्रज्वलन से हुआ। संरक्षक दिनेश पारीक ने संस्थान का परिचय एवं कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान में नैतिक शिक्षा और संस्कारों की महती आवश्यकता है इसीलिए ऐसे कार्यक्रम किए जा रहे हैं कार्यक्रम में शतायु वृद्धजन नाथू सिंह का विशेष सम्मान किया गया

इस अवसर पर आचार्य प्रवर जय कृष्ण देवाचार्य ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ऋषि-मुनियों ने प्रकृति की गोद में बैठकर अनेकानेक अद्भुत स्तोत्र एवं ग्रंथों का रचना की जो आज भी संजीवनी के रूप में संपूर्ण मानव सभ्यता को जीवन दर्शन के रूप में उपकृत कर रहे हैं नियमित स्तोत्र पाठ स्वाध्याय एवं सत्संगति के द्वारा आत्मिक शुद्धि होती है और मानसिक शांति प्राप्त होती है तथा चारित्रिक विकास होता है संस्कारों का बीजारोपण होता है और उसी के द्वारा सुयोग्य नागरिक का निर्माण होता है भारतीय संस्कृति में प्रकृति को ही परमात्मा का स्वरूप माना गया है इसलिए हमें प्रकृति का संरक्षण करने हेतु अधिकाधिक वृक्षारोपण करना चाहिए एक बरगद का आरोपण करने पर एक यज्ञ के बराबर फल की प्राप्ति होती है
इस अवसर पर महंत श्री लक्ष्मण दास जी महाराज ने कहा कि नियमित स्तोत्र पाठ देव स्तुति द्वारा हमारी तामसिक वृत्तियों का शमन होता है और सात्विक भाव जाग्रत होते है और दया परोपकार त्याग सेवा समर्पण आदि मानवीय मूल्यों का विकास होता है
इस अवसर पर हिन्दू आध्यात्मिक सेवा संस्थान, राजस्थान के राष्ट्रीय संयोजक गुणवंत सिंह कोठारी ने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व की प्राचीनतम संस्कृति है और विश्व की एकमात्र संस्कृति है जिसमें अध्यात्म के विषय को ऋषि मुनियों द्वारा अन्वेषण कर आत्मा और परमात्मा और प्रकृति के रहस्यों का विवेचन किया है भौतिकता वाद की संस्कृति पर अध्यात्म के द्वारा ही विजय प्राप्त की जा सकती है हमारी युवा पीढ़ी राष्ट्र की ताकत है और युवा पीढ़ी को संस्कारित करना हम सभी का दायित्व है युवा पीढ़ी को अतीत के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है हमारे महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर हमारी युवा पीढ़ी राष्ट्र रक्षा और राष्ट्र सेवा का संकल्प लेना चाहिए

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खांडल विप्र समाज के प्रदेश युवा अध्यक्ष श्री कपिल जी चोटिया ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से हमारी युवा पीढ़ी में हमारी संस्कृति का स्थानांतरण होता है ।
इस अवसर पर रामकिशोर बाहेती, कृष्ण चंद्र टेवाणी, शिक्षाविद प्रभुलाल कुमावत , डॉक्टर राम प्रसाद शर्मा, मां भारती रक्षा मंच के संरक्षक लक्ष्मीनारायण सोनगरा,डॉ विकास चौधरी, विशेष कुमावत उपस्थित रहे महेश कुमावत, नीरज पारीक, मन्ना लाल जाट, फारूक अहमद ने कार्यक्रम में विशेष सहयोग प्रदान किया कार्यक्रम का संचालन अशोक शर्मा ने किया संगीतज्ञ जुगल किशोर एवं सभी संगतकारों का विशेष सम्मान किया गया आरती के पश्चात सभी को प्रसाद वितरित किया गया ।

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