फीस में 20 प्रतिशत की छूट दे निजी विद्यालय

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राजस्थान प्राइवेट एजुकेशन महासंघ की वर्चुअल बैठक
स्कूलों को करे सरकार विभिन्न भुगतान


अजमेर.
राजस्थान प्राईवेट एजुकेशन महासंघ की प्रदेश कमेटी की वर्चुअल बैठक सम्पन्न हुई। बैठक मूल रूप से विद्यालय संचालकों के समक्ष आने वाली समस्याओं पर केन्द्रित रही। कोविड महामारी के दौर में विद्यालय संचालकों के समक्ष उत्पन्न गंभीर संकट में बन्द विद्यालय होने के कारण निम्न और मध्यम वर्ग के विद्यालय के संचालकों को आपातकालीन स्थिति एवं विद्यालय संचालकों की समस्याओं के निराकरण के लिए महासंघ ने महत्वपूर्ण कदम उठाए है।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश चन्द शर्मा ने कहा कि प्रदेश के निजी स्कूल के संचालक कोविड-19 के दौरान फीस में 20 प्रतिशत की रियायत दे। कोरोना काल में अभिभावकों की आर्थिक स्थिति दयनीय है।
अभिभावक भी दो वर्षो से बन्द स्कूलों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए 20 प्रतिशत छूट के साथ स्कूलों को फीस जमा कराए। जब प्रदेश की स्कूलें अभिभावकों को राहत दे रही है तो अभिभावकों का भी दायित्व बनता है निजी स्कूलों में फीस जमा कराए।

गाइड लाइन से खुले स्कूलें

प्रदेश महामंत्री नरेन्द्र अवस्थी ने बताया कि कोविड-19 के दौरान 2 वर्षों से आर्थिक समस्या से पीडि़त स्कूलों को कैसे बचाया जाये इसके लिए महासंघ ने कल अंतिम निर्णय लिया और सरकार को पत्र लिखकर बताया कि प्रदेश में कोरोना की गति कम हो गई है। इसको देखते हुए सरकार स्कूलों को कक्षा 6 से 12 तक सरकार की गाइडलाइन के अनुसार स्कूलों को शीघ्र खोलने की अनुमति जारी करे। साथ में मध्यम और निम्न स्कूलों की आर्थिक स्थिति को उबारने के लिए सरकार शीघ्र ही आरटीई का भुगतान करे। सरकार को अन्य राज्यों की गाइडलाइन के अनुसार स्कूलों का संचालन प्रारम्भ कर देना चाहिए। क्योंकि डब्ल्यूएचओ ने भी स्कूल खोलने के सुझाव एवं निर्देश जारी कर दिये। 2 वर्षो से स्कूल नही खुलने से विद्यार्थी शिक्षा से वंचित है। ऑनलाइन शिक्षा विद्यार्थियों के मानसिक, बौद्धिक एवं शारीरिक विकास में बाधक है और विद्यार्थियों में अनेक समस्याओं का कारण बन रही है। अत: शिक्षा को बचाने के लिए स्कूल खोला जाना अति आवश्यक है।

नहीं तो करेंगे आंदोलन

प्रदेश संयोजक हेमेन्द्र बारोटिया ने बताया कि यदि 15 जुलाई तक सरकार प्रदेश की स्कूलों के लिए गाइडलाइन के आधार पर स्कूले नहीं खुलती है तो महासंघ द्वारा शीघ्र निर्णय लेकर प्रदेश की स्कूलों को प्रारम्भ करने के लिए महासंघ मजबूर होगा।
प्रदेश प्रवक्ता रेणुदीप गौड ने बताया कि सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि प्रदेश की निजी स्कूले 2 वर्षो से कोविड-19 के कारण जो मार झेल रही है। प्रदेश की सभी स्कूलें खराब आर्थिक स्थिति से गुजर रही है। वर्तमान में प्रदेश में 50 प्रतिशत स्कूलें बन्द हो गई है। लाखो शिक्षक बेरोजगार हो गये है। उसके बाद भी सरकार ने निजी विद्यालयों की सुध नहीं ली अब समय आ गया है कि हमें प्रदेश स्तर पर आन्दोलन करना चाहिए। अब असहनीय हो गया है। कई शिक्षक एवं स्कूल संचालक अन्य कर्मचारियों के परिवारों का पालन पोषण भी नहीं हो रहा है। यदि सरकार अभी भी नहीं जागी तो हमारे सामने अब आन्दोलन के सिवा कोई रास्ता नही है।

परिणाम प्राप्त करना चुनौती

प्रदेश प्रभारी महेन्द्र मीणा ने बताया कि राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर ने कक्षा 10 एवं 12 का परीक्षा परिणाम तैयार करने का फार्मूला जारी कर अपने कार्य की इति श्री कर ली जबकि कक्षा 8, 9 एवं 11 का परिणाम प्राप्त करना स्कूलों के लिए चुनौति बना हुआ है। प्रदेश की ही विभिन्न डाइट से अलग अलग वर्षों मे उत्तीर्ण विद्यार्थियों के अंक भी शिक्षा विभाग विद्यालयों को अब तक उपलब्ध नहीं करवा पाया है। इसकी समस्त जिम्मेदारी प्रदेश के निजी एवं सरकारी विद्यालयों पर थोप दी गई है एवं जिसके लिए बोर्ड द्वारा परिणाम तैयार करने में लगे शिक्षकों को कोई भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। जबकि बोर्ड परीक्षा कॉपी की जांच के लिए भारी राशि का भुगतान शिक्षकों को करता रहा है। किन्तु वर्तमान में सीमित समय अवधि एवं अनेक जुर्माना राशि लगाने की चेतावनी दे कर विद्यालयों को बाध्य किया जा रहा है। जिसकी महासंघ निंदा करता है। महासंघ मांग करता है कि बोर्ड द्वारा वसूली गई करोड़ों रूपए परीक्षा फीस में से परीक्षा परिणाम तैयार करने के लिए स्कूलों को भुगतान करे। अन्यथा महासंघ पूरे प्रदेश में परीक्षा परिणाम तैयार करने के कार्य का बहिष्कार करेगा।

यह हुए शामिल

वर्चुअल बैठक में महामंत्री नरेन्द्र अवस्थी, प्रदेश संयोजक हेमेन्द्र बारोटिया, प्रदेश प्रवक्ता रेणुदीप गौड़, प्रदेश प्रभारी महेन्द्र मीणा, महिला मोर्चा अध्यक्ष संतोष पारीक, प्रदेश सचिव मोहन कौशिक, उपाध्यक्ष रामवीर सिंह डागुर, संभागीय अध्यक्ष जयपुर विरेन्द्र सिंह राठौड, अजमेर संभागीय अध्यक्ष हेमचन्द रांका, संभागीय अध्यक्ष उदयपुर मनोज कुमार मंडेला, टोंक अध्यक्ष अतुल शर्मा, सदस्य बीपी शर्मा, हिम्मत सिंह, राजेन्द्र जोशी आदि शामिल हुए।

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