Love: प्रेमी ही घोंट रहे प्यार का गला, एक साल में हुए 3 हजार से ज्यादा कत्ल

Spread the love

जयपुर। सच्चा प्यार वह मीठा एहसास है, जिसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है, ये उस दवा की तरह है, जिससे किसी गहरे से गहरे घाव को भी भरा जा सकता है। प्यार किसी के प्रति एक अनूठा और अटूट भाव है, जिसे लाखों शब्दों द्वारा भी बयां नहीं किया जा सकता। यह एक पल में होता है, और जिंदगी भर के लिए आपके दिल में याद बन कर रह जाता है।
समाज में कई लोग ऐसे भी रहे हैं, जिनको उनका प्यार नहीं मिला तो पूरी जिंदगी दर्द और इंतजार में गुजार दी लेकिन कभी उफ तक नहीं की। 1960 में आई फिल्म मुगल-ए-आजम का गाना ‘ऐ मोहब्तत जिंदाबाद’…, कई दशकों तक उन नाकाम आशिकों का सबसे पसंदीदा गीत रहा है, जो किसी के प्यार में सब कुछ लुटा देने को तैयार थे, लेकिन अब वक्त बदल गया है। अब प्यार में जान लेने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। जिगर मुरादाबादी का शेर ‘ये इश्क नहीं आसां इतना ही समझ लीजे, इक आग का दरिया है और डूब के जाना है।’ अब बेमानी सा हो गया है। पहले इश्क का दुश्मन जमाना होता था, लेकिन अब तो प्यार करने वाले ही फरेबी हो गए हैं।

कायदे से मुहब्बत वो एहसास है, जो हर दिल में रहता है। वो जज्बा है, जो कायनात के जर्रे-जर्रे में बिखरा है और बस मोहब्बत की इसी एक फितरत पर नफरत को भी मुहब्बत से नफरत है। वो दौर अलग था, जब मोहब्बत में जान देने की बातें हुआ करती थीं। ये दौर अलग है, यहां मोहब्बत खुद दिलों में खंजर उतार कर अपनी ही मोहब्बत की जान ले रही है।

140 करोड़ की आबादी के इस देश में कभी प्रेम की अमर कहानियां गढ़ी जाती थी, लेकिन अब प्रेम झूठ और फरेब की कोठरियों में घुटकर दम तोड़ रहा है। हमारे देश में होने वाले जुर्म का हिसाब-किताब रखने वाली एनसीआरबी यानी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के सबसे ताजा 2021 के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि इश्क में लोग अब जान नहीं देते, जान लेते हैं। एनसीआरबी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत में जिन वजहों से सबसे ज्यादा कत्ल होते हैं, उनमें लव अफेयर यानी इश्क में होने वाला कत्ल तीसरे नंबर पर आता है। देश में होने वाले हर दस कत्ल में एक कत्ल किसी ना किसी आशिक या माशूक के हाथ से ही होता है।

तीन हजार से ज्यादा कत्ल का कारण लव अफेयर

2021 के आंकड़ों के मुताबिक पूरे देश में कुल 29 हजार 272 कत्ल के मामले सामने आए। ये तमाम कत्ल 19 अलग-अलग वजहों से हुए। इनमें निजी दुश्मनी, सांप्रदायिक और धार्मिक वजहें, राजनीतिक वजह, डायन प्रथा, जातिवाद, विवाद, लूट-डकैती शामिल रही, लेकिन परेशान करने वाली बात यह है कि इन 19 वजहों में से तीसरे नंबर पर कत्ल की जो वजह बनी, वो प्यार मुहब्बत और धोखा है। 29 हजार 272 कत्ल के कुल मामलों में से 3125 मामले लव अफेयर से जुड़े हैं। अगर कुल मिलाकर कत्ल की वजह की बात करें, तो लव अफेयर से ऊपर पहले और दूसरे नंबर पर जो वजहें हैं, वो हैं निजी दुश्मनी और सांप्रदायिक और धार्मिक कारणों से हत्या।

लव अफेयर के साथ देश में अवैध संबंधों की वजहों से होने वाले कत्ल की गिनती भी बढ़ी है। एनसीआरबी के सबसे ताजा आंकड़ों के मुताबिक 2021 में इश्क और अवैध संबंधों की वजह से जिन राज्यों में सबसे ज्यादा कत्ल हुए, उनमें यूपी पहले नंबर पर है। वहीं केरल, पश्चिम बंगाल और नॉर्थ ईस्ट के तमाम राज्य सबसे निचले पायदान पर हैं।

वर्ष 2021 में इश्क और अवैध संबंध की वजह से होने वाली हत्या के मामलों में टॉप 10 राज्य

  1. उत्तर प्रदेश 406
  2. महाराष्ट्र 351
  3. मध्य प्रदेश 323
  4. बिहार 280
  5. तामिलनाडु 244
  6. कर्नाटक 203
  7. राजस्थान 125
  8. झारखंड 099
  9. पंजाब 085
  10. हरियाणा 060

ऐसा नहीं है कि इश्क में पहले कत्ल नहीं हुआ करते थे, पहले भी आशिकों ने हाथों में खंजर या तमंचे उठाए हैं, लेकिन 2010 के बाद से इश्क, बेवफाई और अवैध संबंध की वजह से होने वाले कत्ल की तादाद तेजी से बढ़ी है। आंकड़े और आईपीसी की नजर से देखें तो भारत में कुल 19 वजहें ऐसी उभर कर सामने आई हैं, जिनकी वजह से कत्ल होते हैं, लेकिन इश्क, कत्ल की एक वजह होगी और वो भी टॉप थ्री में अपनी जगह बनाएगी, ऐसा कुछ साल पहले तक किसी ने नहीं सोचा था। इश्क की वजह से होने वाले कत्ल के पिछले 10 सालों के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो साफ पता चलता है कि जैसे-जैसे सोशल मीडिया का चलन बढ़ा, इश्क खूनी होता चला गया।

खूनी इश्क के पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो देश में होने वाले कुल कत्ल में इश्क की हिस्सेदारी साल दर साल यूं बढ़ी-

2011 – 7.9 फीसदी
2012 – 7.4 फीसदी
2013 – 7.2 फीसदी
2014 – 7.2 फीसदी
2015 – 9.2 फीसदी
2016 – 10.4 फीसदी
2017 – 10.9 फीसदी
2018 – 11.2 फीसदी
2019 – 11.00 फीसदी
2020 – 10.4 फीसदी
2021 – 10.7 फीसदी

इन आंकड़ों के हिसाब से 2010 से 2014 के दरम्यान लव अफेयर की वजह से होने वाले कत्ल का परसेंटेज 7-8 फीसदी के बीच में था, लेकिन 2015 से 21 के दरम्यान अचानक लव अफेयर की वजह से होने वाले कत्ल का परसेंटेज बढ़ कर 10 से 11 फीसदी हो गया। ये गिनती लगातार बढ़ रही है। एनसीआरबी के ही एक और डाटा के मुताबिक 2021 में देश भर में होने वाले कुल 29 हजार 272 कत्ल में से 95 फीसदी कत्ल बालिग के हुए जबकि 5 फीसदी बच्चों के। जिन लोगों की हत्या हुई, उनमें से 73 फीसदी पुरुष थे, जबकि 26 फीसदी महिला। इसके अलावा 2021 में ही 10 ट्रांसजेडर का भी कत्ल हुआ। कत्ल होने वालों में 5 साल के बच्चे से लेकर 74 साल के बुजुर्ग तक शामिल रहे।

इश्क में होने वाले कत्ल के अलावा पति-पत्नी के बीच होने वाले झगड़े के दौरान कई कत्ल हुए। इनमें से ज्यादातर कत्ल की वजह एक्सट्रा मैरिटल अफेयर रही। एक आंकड़े के मुताबिक 2022 में देश भर में पति के कत्ल के करीब 270 मामले सामने आए। इसी दौरान पति द्वारा पत्नी के कत्ल के भी लगभग ढाई सौ मामले सामने आए।

जाहिर है ये आंकड़े डराने वाले हैं और इन्हीं आंकड़ों को सच करती जब साहिल, आफताब, ग्रीष्मा, डॉ. राजेश, मारिया सुसाइराज, निक्की, अंकिता, अमिता, न जाने ऐसे कितने ही नाम और ऐसी कितनी ही तस्वीरें सामने आती हैं, तो अहसास करा जाती है कि अब मोहब्बत उस अहसास का नाम नहीं रहा, जो कभी हर दिल में रहा करता था। वो दौर अलग था, जब नाकाम मोहब्बत में एक दिल के टुकड़े हजार हुआ करते थे। कोई यहां गिरता था, कोई वहां गिरता था। अब दौर बदल चुका है। आज आशिक दिल के टुकड़े पर नहीं रुकते बल्कि जिस मोहब्बत का दम भरते हैं, जिस मोहब्बत में जीने मरने की कसमें खाते हैं, उसी मुहब्बत के सीधे टुकड़े कर डालते हैं। अब किस्सा कुछ यूं हो गया है-

मुझको मालूम है अंजाम-ए-मुहब्बत क्या है,
एक दिन मौत की उम्मीद में जीना होगा।

ऐसी कुछ घटनाएं हाल ही में हुई हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह से प्रेम का ढाई आखर फरेब की बलि चढ़ रहा है।

सरस्वती मर्डर केस, मुंबई, महाराष्ट्र

हाल ही में मुंबई से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें आरोपी ने दरिंदगी के मामले में आफताब को काफी पीछे छोड़ दिया। इस वारदात में पहले लिव इन पार्टनर ने महिला की बेरहमी से हत्या की और फिर उसकी लाश के टुकड़े-टुकड़े करके उन्हें प्रेशर कुकर में उबाल दिया। इंसानी जिस्म के टुकड़ों को उस दरिंदे ने किचन में जाकर प्रेशर कुकर में डाला और गैस पर चढ़ा दिया।
आरोपी की पहचान 56 साल के मनोज साने के रूप में हुई है, जबकि उसका शिकार बनी महिला की शिनाख्त 32 साल की सरस्वती वैद्य के तौर पर हुई। ये दोनों आकाशगंगा सोसाइटी की बिल्डिंग में एक किराये के फ्लैट में 3 साल से साथ रह रहे थे। पुलिस ने कातिल लिव-इन पार्टनर मनोज को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया था। इस वारदात का खुलासा बुधवार की रात हुआ। नयानगर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर ने बताया कि हत्या की ये खौफनाक वारदात आकाशगंगा सोसाइटी की सातवीं मंजिल के फ्लैट नंबर 704 में हुई, हालांकि इस हत्याकांड की तारीख का पता नहीं चला है।

गर्लफ्रेंड का कत्ल, बेंगलुरु, कर्नाटक

बेंगलुरु में दिल्ली के टेक एक्सपर्ट ने अपनी गर्लफ्रेंड का कत्ल कर दिया। मृतका आकांक्षा शहर के गोदावरीखानी इलाके की रहने वाली थी। वो एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थी। हैदराबाद में एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करने के दौरान उसकी मुलाकात अर्पित नाम के शख्स से हुई थी और उसे प्यार हो गया था। बाद में आकांक्षा का ट्रांसफर बेंगलुरु हो गया। कहा जाता है कि अर्पित वीकेंड पर बेंगलुरु जाता था और आकांक्षा के घर पर ही रुकता था। सिटी पुलिस के मुताबिक, राजस्थानी कारोबारी ज्ञानेश्वर गोदावरीखानी इलाके में रहते हैं। उनकी तीन बेटियां और एक बेटा है। उनकी सबसे बड़ी बेटी आकांक्षा बेंगलुरु की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करती थी। फिलहाल वो जीवन भीमन नगर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत कोडिहल्ली में रहती थी। हर बार की तरह अर्पित उसके पास आया हुआ था। इसी दौरान ये वारदात हुई।
पुलिस के अनुसार, अर्पित ने पहले आकांक्षा की गला दबाकर हत्या की और फिर उसे फंदे पर लटका कर वहां से फरार हो गया। पुलिस आरोपी अर्पित को गिरफ्तार कर लिया है।

पहले दोस्ती, फिर मारी गोली, नई दिल्ली

देश की राजधानी दिल्ली के संगम विहार इलाके में 11वीं की छात्रा को 2 लड़कों ने गोली मार दी। एकतरफा प्यार में सनकी आरोपी अमानत अली ने हिंदू नाम से आईडी बनाकर सोशल मीडिया पर पहले दोस्ती की, लेकिन जैसे ही उसकी करतूत पता चली तो लड़की ने दोस्ती तोड़ दी। इसके बाद अमानत पीड़िता को परेशान करने लगा था। फिलहाल अमानत और उसके दो साथी बॉबी और पवन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता इलाज के बाद खतरे से बाहर है।

श्रद्धा मर्डर केस, मुंबई

साल 2019 में आफताब पूनावाला और श्रद्धा वाकर की मुलाकात डेटिंग ऐप पर हुई थी। आफताब का दावा है कि पहले वह संपर्क में आई, जबकि परिवार को दावा है कि दोनों ही मुंबई के एक कॉल सेंटर में भी काम करते थे। फरवरी 2022 में श्रद्धा ने सबसे पहले एक फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की थी, जो दोनों की दुनिया के सामने एकसाथ होने की पहली फोटो थी। इस फोटो में लिखा था हैपी डेज। मई 2022 में दोनों के कॉमन फ्रेंड लक्षमण नादर ने श्रद्वा के पिता को फोन कर बताया कि आफताब और श्रद्धा के बीच झगड़े होते रहते थे। नादर का दावा है कि श्रद्धा ने उसे छतरपुर के घर से छुड़ाने के लिए भी कहा था। श्रद्धा ने कहा था कि मुझे बचा लो, वरना आफताब उसे मार डालेगा। 11 मई 2022 को श्रद्धा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया, जिसमें उसने अपने ऋषिकेश के ट्रिप को हाईलाइट किया था। 15 मई को छतरपुर के फ्लैट में शिफ्ट हो गए थे। 16 मई 2022 को आफताब ने 300 लीटर का रेफ्रिजरेटर खरीदा था। 18 मई 2022 को श्रद्धा और आफताब के बीच शादी के मुद्दे को झगड़ा हुआ, इसी गहमागहमी में आफताब ने श्रद्धा का गला घोंट दिया। श्रद्धा के पिता की रिपोर्ट पर 13 नवम्बर को आफताब को गिरफ्तार किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *