ओ म्हारा प्यारा रघुवर रूपा री लाड़ी ल्याया…

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जयपुर, 18 जनवरी। समाज श्री सीताराम जी समिति द्वारा आयोजित श्री राम जानकी विवाह के 46 दिन पूर्ण होने पर व सीता जी की विदाई के पश्चात जब चारों राजकुमार अयोध्या पहुंचे तो अयोध्या नगरी को फूलों व दीपो की जगमगाहट से रोशन किया गया। द्वार द्वार पर कलश विराजे हो रहे मंगलाचार। मोतियन चौक पुरावे द्वारन बज रही बंदनवार। पद गाकर वैष्णव समाज ने इस दृश्य को साकार किया। चारों भाइयों सहित जब दशरथ जी अयोध्या नगरी पधारे तो सभी अयोध्या वासियों ने आरती उतार कर चारों राजकुमारों का व चारों दुल्हनों का स्वागत किया। बहिन ने द्वार पर रोक कर द्वार रुकवाई की रस्म नेग लुंगी मैं मन भाई, थासे द्वार की छकाई। पद गायन व नेग देकर सम्पन्न की गई। पूरे अयोध्या में चारों ओर खुशी की लहर थी, सभी अयोध्यावासी नगर के भाग्य की सराहना कर रहे थे। ओ म्हारा प्यारा रघुवर रूपा री लाड़ी ल्याया। मिथिलापुर में रायजनक जी चारो भैया न परनाया। ललित त्रिबहनी ओर मृगनयनी गठजोड्याघर आया। मां कौशल्या केकई सुमित्रा तीनों रानियों ने दुल्हनों का स्वागत किया। सीता जी सहित सभी दुल्हनों से विधि पूर्वक देवी देवताओं का पूजन करवाया और मुंह दिखाई की रस्म
बधुन की छवि लखि लेत बलैया, अंकन भरी भरी बदन चूमि सर अपने भाग्य सरहैया व मुख देखन की कुल रीत करात ह सासु सारि जी, सीय जी सकुचत भारी जी। पदो के माध्यम से पूरी की। उसमें माता कौशल्या ने सीता जी के हाथ में राम जी का हाथ देकर रस्म पूरी की। माता कैकई ने अपना कनक भवन सीता जी को मुंह दिखाई में दिया। इसी प्रकार सभी माताओं ने मुंह दिखाई में चारों दुल्हनों को अमूल्य उपहार दिए तथा सुहाग थाल सजाकर सीता जी सहित तीनों बहनों को भोजन करवाया। जीमण कर प्यारी पिया डॉल भये आसीन, छवि निरखत गुण गण विमल गावे दास प्रवीण। नगर में बधाइयां बांटी गई। अयोध्या में सीता जी को लेने के लिए लक्ष्मी निधि जी आई और उनका राजा दशरथ जी ने स्नेह पूर्वक स्वागत सत्कार किया। साथ में बड़े उत्सव का आयोजन करते हुए सभी को नाना भांति के व्यंजन खिलाए।
मंत्री रामबाबू झालानी ने बताया कि राजा दशरथ जी की ओर से ये आशीर्वाद समारोह उत्सव स्वर्गीय जयनारायण दुसाद के परिवार की ओर से श्री रामचन्द्र जी के मंदिर चांदपोल बाजार प्रांगण मेंआयोजित किया गया। अयोध्या से आए हुए सभी जनों का स्वागत माला दुपट्टा शॉल ओढ़ाकर किया गया। उपस्थित सभी वैष्णव जनों ने उत्सव का विभिन्न पदों के माध्यम से आनंद लिया।

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