वर्ष 2022 में उत्तर पश्चिम रेलवे ने किए कई उत्कृष्ट कार्य

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उत्तर पश्चिम रेलवे ने वर्ष 2022 में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ठ कार्य कर स्थापित कर नये आयाम स्थापित किये
समयपालन, विद्युतीकरण, इन्फ्रास्ट्रक्चर, माल लदान, यात्री सुविधाओं सहित अनेक कार्यों में उत्कृष्ठ प्रदर्शन

जयपुर. उत्तर पश्चिम रेलवे पर वर्ष 2022 में सुरक्षित और सुगम रेल संचालन तथा बेहतर यात्री सुविधाओं के लिये अनेक कार्य कर नये आयाम स्थापित किये गये है। उत्तर पश्चिम रेलवे पर वर्ष 2022 में आधारभूत ढांचे (infrastructure) को मजबूत बनाने के लिये पूर्ण क्षमता के साथ कार्य किये जा रहे हैं। साथ ही रेलमार्ग का विद्युतीकरण, माल लदान, समयपालन, महत्वपूर्ण यात्री सुविधाओं तथा स्टेशनों के रि-डेवलेपमेंट के क्षेत्र में उत्कृष्ठ प्रदर्षन कर उपलब्धियां हासिल की है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण के अनुसार विजय शर्मा, महाप्रबंधक-उत्तर पश्चिम रेलवे के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तर पश्चिम रेलवे पर आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के लिये वर्ष 2022 में 171 किलोमीटर आमान परिवर्तन व 77 किलोमीटर दोहरीकरण का कार्य पूर्ण किया गया है। वर्ष 2022 में मावली-बडी सादडी (82 किलोमीटर) डूंगरपुर-जयसंमद (52 किलोमीटर) तथा जयसंमद-खारवाचांदा (37 किलोमीटर) रेलखण्डों का आमान परिवर्तन किया गया। उत्तर पश्चिम रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण मार्ग रेवाडी-अलवर-जयपुर-पालनपुर का दोहरीकरण पूर्ण करने के उपरान्त एक अन्य व्यस्त रेलमार्ग फुलेरा-राई का बाग रेलमार्ग के बोरावड-कुचामन सिटी (20 किलोमीटर), मेडता रोड-खारिया खंगार-पीपाड रोड (57 किलोमीटर) रेलखण्डों का दोहरीकरण कार्य वर्ष 2022 में पूर्ण कर रेल संचालन प्रारम्भ किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने 30 सितम्बर को अंबाजी में आयोजित समारोह में आबूरोड-तारंगाहिल वाया अंबाजी नई रेल लाइन का शिलान्यास किया। 

उत्तर पश्चिम रेलवे पर पर्यावरण अनूकुल रेल संचालन के लिये ब्राडगेज लाइनों का विद्युतीकरण कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। वर्ष 2022 में उत्तर पश्चिम रेलवे पर 869 किलोमीटर रेलमार्ग का विद्युतीकरण कार्य पूर्ण किया गया है, जिसमें जयपुर तथा अजमेर मण्डल पर लगभग सभी मार्गों का विद्युतीकरण कार्य पूर्ण हो गया है। वर्तमान में इस रेलवे पर 3244 किलोमीटर रेलमार्ग पर विद्युतीकरण का कार्य कर लिया गया है। उत्तर पष्चिम रेलवे के सभी मार्गो का विद्युतीकरण कार्य दिसम्बर 2023 तक पूरा करना निर्धारित किया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे पर 89 जोड़ी यात्री ट्रेनों का संचालन इलेक्ट्रिक ट्रेक्शन पर किया जा रहा है। रेलवे का यह कदम पर्यावरण के लिये बेहतर साबित साथ ही रेलवे के राजस्व में बचत होगी व ट्रेनों के संचालन समय में भी कमी आयेगी।

रेलवे द्वारा स्टेशनों पर विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के लिये स्टेशनो का पुनर्विकास करने का निर्णय लिया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर, गांधीनगर जयपुर, अजमेर, उदयपुर सिटी, आबूरोड, जोधपुर, जैसलमेर, पाली मारवाड तथा बीकानेर स्टेशनो का पुनर्विकास किया जायेगा। इन स्टेशनो पर नई मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाई जायेगी। मुख्य प्रवेश स्टेशन भवन में अलग-अलग प्रवेश व निकास क्षेत्र, बैगेज स्कैनर, मेटल डिटेक्टर सिस्टम के साथ सुरक्षा जांच क्षेत्र, एक्जिक्यूटिव प्रतीक्षालय, एस्केलेटर, लिफ्ट एवं सीढ़ियां, दुपहिया और चौपहिया वाहनों की पार्किंग के लिए पर्याप्त स्थान तथा स्थानीय कला और संस्कृति का उपयोग जैसी विभिन्न उच्चस्तरीय सुविधाएं होंगी। इसी क्रम में गांधीनगर जयपुर का 177.45 करोड रुपये, जयपुर स्टेशन का 577.77 करोड रुपये, उदयपुरसिटी का 304.08 करोड रूपये, जैसलमेर स्टेशन का 109.47 करोड रूपये तथा जोधपुर स्टेशन का 474.52 करोड रूपये की लागत से स्टेशन पुनर्विकास के लिये टेण्डर अवार्ड कर दिये गये है, एवं कार्य प्रगति पर है।

रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में बढ़ते कदम के तहत मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट मे विकसित पूर्णतया स्वदेशी वंदे भारत एक्सप्रेस सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। उत्तर पश्चिम रेलवे को 05 वंदे भारत ट्रेन अलॉट की गई है। हनुमानगढ में गाड़ियों के रख-रखाव सुविधा हेतु 32 करोड़ रू. का कार्य स्वीकृत किया गया है। जोधपुर मंडल के भगत की कोठी में वंदे भारत ट्रेन के रखरखाव और मेंटेनेंस के लिए 141.5 करोड़ की लागत की स्वीकृति रेलवे बोर्ड से मिल गई है। जोधपुर डिपो को वंदे भारत एक्सप्रेस के अनुरक्षण सुविधाओं हेतु टेक्नोलॉजी पार्टनर मॉडल पर विकसित किया जाएगा। खातीपुरा में 204.8 करोड़ रू. की लागत से इंटिग्रेटेड कोच टर्मिनल विकसित किया जा रहा है, जहां पर वन्दे भारत का अनुरक्षण कार्य किया जायेगा।

सुरक्षित रेल संचालन और समयपालन उत्तर पश्चिम रेलवे का प्रमुख ध्येय है। उत्तर पश्चिम रेलवे इस वर्ष नवम्बर माह तक मेल/एक्सप्रेस गाडियों के संचालन में 97.86 % समयपालनता (Punctuality) को प्राप्त कर सम्पूर्ण भारतीय रेल में लगातार 3 वर्षों से प्रथम स्थान पर है।

यात्रियों को स्टेशन पर अधिकाधिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध हो इसके लिये वर्ष 2022 में उत्तर पश्चिम रेलवे के भगत की कोठी स्टशन पर 02 एस्केलेटर व 04 लिफ्ट, 34 स्टेशनों पर पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम, 118 स्टेशनों पर जीपीएस आधारित घडी, 04 स्टेशनों पर ट्रेन डिस्पले बोर्ड, 04 स्टेशनों पर कोच गाइडेंस बोर्ड की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। स्थानीय उत्पादों को बढावा देने के उद्देश्य से बजट 2022 में एक स्टेशन-एक उत्पाद योजना की घोषणा की गई थी, इसके अन्तर्गत रेलवे बोर्ड के दिशा निर्देशानुसार उत्तर पश्चिम रेलवे पर 59 ‘‘एक स्टेशन-एक उत्पाद’’ स्टॉल संचालित की जा रही है।
उत्तर पश्चिम रेलवे पर वर्ष 2022 में 9 जोडी नई ट्रेने, 12 जोडी ट्रेनों का विस्तार, 02 ट्रेनों के फेरों में बढ़ोतरी तथा 30 ट्रेनों का विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव प्रदान कर यात्रियों को सुविधा प्रदान की गई है। इसके साथ ही माल लदान में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करते हुये उत्तर पश्चिम रेलवे पर 32.75 मिलियन टन माल लदान किया गया जोकि गत वर्ष की इसी अवधि के 27.76 मिलियन टन से 17.98 प्रतिशत अधिक है।

सुरक्षित रेल सफर के लिये रेलवे सुरक्षा बल द्वारा उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है। ट्रेनों में अकेली यात्रा कर रही महिलाओं की सहायता लिये ’मेरी सहेली-स्मार्ट सहेली’, खोये सामान की जानकारी के लिये ’आपरेशन अमानत’ तथा जान बचाने के लिये ‘‘ऑपरेशन जीवन रक्षा’’ व सुरक्षित प्रसव के लिये ‘‘आपरेशन मातृ शक्ति’’ अभियान चलाये जा रहे हैं।

उत्तर पश्चिम रेलवे ने वर्ष 2022 में निरंतर नये विकास के नये शिखर को प्राप्त किया है और आने वाले समय में यात्रियों को दिन-प्रतिदिन नई सुविधाएं प्रदान करने के लिये उत्तर पश्चिम रेलवे सदैव प्रतिबद्ध है।

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