सांसद चौधरी ने जताया प्रधानमंत्री मोदी का आभार

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किसान सम्मान राशि का किया हस्तांतरण


मदनगंज-किशनगढ़.
अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी ने 9 करोड़ 75 लाख से अधिक किसानों के लिए किसान सम्मान निधि की राशि हस्तान्तरण करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। किसान सम्मान निधि की दूसरी किस्त के रूप में 1 खरब 95 अरब की राशि जारी कर 9 करोड़ 75 लाख से भी अधिक किसानों को लाभान्वित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी का आभार व्यक्त किया है। वर्तमान समय में किसानों को इस राशि से सम्बल मिलेगा क्योंकि फसल बुवाई के समय किसानों को नगदी की अत्यधिक समस्या का सामना करना पड़ता है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की उक्त राशि किसानों के लिए राहत प्रदान करेगी।
भारत के उत्तरी भागों में रबी की फसलों की बुवाई हेतु खेत खाली करने के लिए किसानों द्वारा पराली की समस्या के निदान हेतु सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी ने लोकसभा में अतारांकित प्रश्न संख्या 3494 के द्वारा लोकसभा में जानकारी मांगी कि पंजाब ए हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में धान की कटाई के बाद पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए कृषि कल्याण मंत्रालय द्वारा किए जा रहे उपाय एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और आस पास के क्षेत्र में प्रदूषण रोकने के लिए किसानों को उनके खेतों की पराली हटाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के सम्बन्ध में ब्यौरा मांगा। प्रश्न के प्रतिउत्तर में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने अपने प्रतिउत्तर में बताया कि रबी की फसल की बुवाई हेतु खेतों को खाली करने के लिए मुख्यत: पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश राज्यों में गंगा के मैदानी क्षेत्रों में धान की पराली जलाई जाती है। वायु प्रदूषण की समस्या के समाधान और स्थान पर ही फसल अवशेष के व्यवस्थापन के लिए अपेक्षित मशीनरी पर राज सहायता हेतु पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में फसल अवशेष का स्थान पर ही व्यवस्थापन करने के लिए कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देना नामक केन्द्रीय क्षेत्र की योजना सन् 2018-19 से कार्यान्वित की जा रही है। इस योजना के तहत किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी की खरीद के लिए मशीनरी की लागत का 50 प्रतिशत की दर से वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है और किसानों की सहकारी समितियों, किसान उत्पादक संगठन, पंजीकृत किसान समितियों और पंचायतों को फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी के कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना के लिए परियोजना लागत का 80 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। वर्ष 2018-19 से 2020-21 की अवधि के दौरान 30900 से अधिक कस्टम हायरिंग केन्द्र स्थापित किए गए है और इन चार राज्यों के कस्टम हायरिंग केन्द्रों और व्यक्तिगत किसानों को कुल 1.58 लाख से अधिक फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों की आपूर्ति की गई है।

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