‘चूहे की हत्या’ के मामले में आरोपी के खिलाफ अदालत में चलेगा केस, 3 साल तक की सजा का प्रावधान

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बदायूं (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां के सदर कोतवाली क्षेत्र में पिछले वर्ष एक चूहे को डुबोकर मारने के मामले में पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है। पुलिस के अनुसार ‘चूहे की हत्या’ के मामले में आरोपी के खिलाफ 30 पन्ने का आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया गया है। नगर क्षेत्र के पुलिस अिधकारी आलोक मिश्रा ने बताया कि चूहे के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम), बदायूं की अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है। आरोप पत्र में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मीडिया में जारी किए गए वीडियो, संबंधित अलग-अलग विभागों के जानकारों के मंतव्य को भी शामिल किया गया है।

पुलिस के अनुसार आरोप पत्र को मजबूत बनाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट को आधार बनाया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि चूहे के फेफड़े खराब थे, उनमें सूजन थी, लीवर में भी संक्रमण था। साथ ही चूहे की माइक्रोस्कोपिक जांच में भी ये स्पष्ट किया गया था कि चूहे की मृत्यु पानी में डूबने के कारण दम घुटने से ही हुई है।

पिछले साल दर्ज कराया गया था मामला

गौरतलब है कि सदर कोतवाली क्षेत्र में 25 नवंबर, 2022 को एक चूहे को डुबोकर मारने के आरोप में एक युवक के खिलाफ पुलिस में शिकायत की गई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी मनोज कुमार के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 429 (किसी भी जीव जंतु का वध) के तहत मामला दर्ज किया था। बदायूं के पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा ने पिछले वर्ष 25 नवंबर को जिले के बिजली उपकेंद्र के पास मनोज कुमार नामक व्यक्ति को चूहे की पूंछ में धागे से पत्थर बांधने के बाद उसे नाले में फेंकते देखा था। विक्रेंद्र ने इस घटना के खिलाफ बदायूं कोतवाली में पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर यह मामला दर्ज हुआ।

हो सकती है 3 साल की सजा

वरिष्ठ अधिवक्ता सुमन शर्मा ने बताया कि पशु क्रूरता अधिनियम के मामले में 10 रुपए से लेकर दो हजार रुपए तक जुर्माना और तीन साल की सजा तथा धारा 429 के अंतर्गत पांच साल की सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है।

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