लेखन का समाज पर हो असर

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वरिष्ठ पत्रकार धीरेंद्र राहुल का सम्मान और ‘बोलें तो ऐसा बोलेंं’ पुस्तक का विमोचन


जयपुर। लेखन का समाज पर असर होना चाहिए। अक्षर का समाज पर प्रभाव और परिस्थितियों में परिवर्तन होने पर ही लेखन को सफल मानना चाहिए।
ग्रासरूट मीडिया फाउंडेशन की ओर से जवाहरलाल नेहरू मार्ग स्थित कलानेरी आर्ट गैलरी में प्रशस्ति कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओंकार सिंह लखावत ने कहा कि अपने देश की छवि बिगाड़ने के लिए कई लोग प्रतिबद्ध हैं। इन परिस्थितियों का सामना करने की जिम्मेदारी हमारी है कि हम पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाएं और अपनी देश की प्रतिष्ठा को भी आगे बढ़ाएं।
इस कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार धीरेंद्र राहुल का सम्मान किया गया। इसके साथ ही इसके साथ ही पत्रकार अमित शर्मा की पुस्तक ‘बोलें तो ऐसा बोलें’ का विमोचन भी किया गया।


कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए धीरेंद्र राहुल ने कहा कि
भारत विविधता वाला देश है और यह हमारे देश की खूबसूरती है। इसलिए यह हमारी और हमारी पत्रकारिता की जिम्मेदारी है कि सांप्रदायिक तनाव न हो सामाजिक ताना-बाना नष्ट न हो। पत्रकारिता संविधानशील कार्य है और दूसरों की अभिव्यक्ति की आजादी का हमेशा सम्मान करना चाहिए।वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र बोडा ने कहा कि अपने सहकर्मी का सम्मान करना गर्व की बात है। वर्तमान में डीपफेक के कारण आंखों देखी भी गलत हो सकती है। इस कारण हम मीडिया कर्मियों पर अधिक जिम्मेदारी बनती है। इस अवसर पर डॉक्टर गरिमा श्रीवास्तव और अमित शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किया। इससे पूर्व ग्रासरूट मीडिया फाउंडेशन की ओर से सभी का स्वागत किया। कार्यक्रम में एडिशनल एसपी सीमा हिंगोनिया, डॉक्टर प्रहलाद राय, अशोक राही, अनिल लोढ़ा अभिषेक तिवारी, डॉक्टर अलका गौड़, सामाजिक कार्यकर्ता दीपा माथुर आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रदक्षिणा पारीक ने किया। अंत में अंकित तिवारी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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