Health Insurance: बीमारियों से लड़ने का बड़ा हथियार

Spread the love

जयपुर। बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण, रसायनयुक्त खान-पान व शारीरिक एक्टिवनेस की कमी के चलते लोगों में बीमारियां बढ़ रही हैं। देश में शायद ही कोई ऐसा परिवार होगा, जो पूरी तरह निरोगी हो। हर घर में कोई न कोई सदस्य किसी न किसी बीमारी से जरूर ग्रसित मिलेगा। वहीं बढ़ती महंगाई के  साथ इलाज कराना भी दिनों-दिन महंगा होता जा रहा है। कई बार तो घर में किसी सदस्य को कोई गंभीर बीमारी हो जाती है तो इलाज करवाना ही बूते से बाहर की बात हो जाती है। ऐसे में आदमी चाहते हुए भी अपने अजीज परिजन का इलाज नहीं करा पाता और उसके पास मौत का इंतजार या भामाशाह से मदद की उम्मीद के अलावा कोई चारा नहीं रह जाता है। ऐसे में एक उम्मीद की किरण नजर आती है हैल्थ इंश्योरेंस। अगर आपने भी हैल्थ इंश्योरेंस करवा रखा है तो यह आपके लिए ऐसी विषम परिस्थितियों में मजबूती से खड़े होने और लड़ने के लिए एक हथियार की तरह काम करता है।

आपके और आपके परिवार में हर किसी की सुरक्षा के लिए हैल्थ इंश्योरेंस एक सही निवेश है। भारत में अभी भी बेहद कम लोगों के पास हैल्थ इंश्योरेंस है और यदि है तो वे अंडर-कवर हैं यानी उनके पास पर्याप्त कवरेज नहीं है। बीमारी कभी बताकर नहीं आती है और आज के दौर में प्रदूषण में लगातार वृद्धि, अस्वास्थ्यकर भोजन की आदतें, तनावपूर्ण जीवन शैली, और अधिक काम, कई गंभीर बीमारियों को आमंत्रित करते हैं। जिनका इलाज कराना काफी महंगा पड़ता है। ऐसे में अगर हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ जाए तो मेडिकल खर्च आपकी सेविंग्स पर भारी पड़ सकता है। ऐसे में हैल्थ इंश्योरेंस बड़े काम आता है। हम आपको यहां बता रहे हैं हैल्थ इंश्योरेंस से जुड़ी हर जरूरी जानकारी- 

फायदे का सौदा है हैल्थ इंश्योरेंस

यह एक अनुबंध है, जिसमें आपके बीमार होने पर चिकित्सा खर्चों का भुगतान हॉस्पिटल को करते हैं। इसके तहत अस्पताल में भर्ती होने, उपचार, सर्जरी, अंग प्रत्यारोपण आदि से संबंधित खर्चों की प्रतिपूर्ति भी की जाती है। इसके लिए आपको समय से प्रीमियम देना होता है। हैल्थ पॉलिसी आप, अपने पति या पत्नी, आश्रित माता-पिता, बच्चों सहित परिवार के अन्य सदस्यों के लिए ले सकते हैं। कोविड-19 जैसी महामारी और चिकित्सा खर्चों की बढ़ती लागत आर्थिक रूप से कठिनाई पैदा कर सकती है। इसलिए अपने और अपने परिवार के लिए एक स्वास्थ्य बीमा कवर प्राप्त करना ऐसे समय में आपको सुरक्षा प्रदान करता है।

इसलिए जरूरी है हैल्थ इंश्योरेंस

परिजन के अस्पताल में भर्ती होने और चिकित्सा खर्च की बढ़ती लागत, जो बिना बीमा के आपकी बचत को खत्म कर सकती है।
कोविड-19 महामारी और गंभीर बीमारियों के लिए कवरेज।
जेब से कुछ भी खर्च किए बिना तत्काल कैशलेस अस्पताल में भर्ती।
भारत के आयकर अधिनियम की धारा 80D के तहत कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
ऐनुअल चेक-अप से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सकते हैं।
अपने परिवार के सदस्यों के लिए भी कवरेज प्राप्त कर सकते हैं।

ऐसे करें बेस्ट हैल्थ इंश्योरेंस प्लान का चुनाव

महंगी होती चिकित्सा सेवाओं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बढ़ते मामलों को देखते हुए हैल्थ इंश्योरेंस लेना जरूरी होता जा रहा है। हैल्थ इंश्योरेंस आपको मेडिकल एमरजेंसी के समय तनाव और आर्थिक परेशानियों से बचाता है। इसके तहत आपात स्थिति में उपचार कराने के लिए आपको आर्थिक मजबूरी का सामना नहीं करना पड़ता है। ऐसे में हैल्थ इंश्योरेंस प्लान्स में निवेश करना एक समझदारी भरा निर्णय है।

प्रीमियम राशि

प्रीमियम वह राशि है, जिसे आपको निर्दिष्ट अंतराल के बाद भुगतान करना होता है। आप वेबसाइट पर उपलब्ध ऑनलाइन प्रीमियम कैलकुलेटर की मदद से प्रीमियम का आकलन कर सकते हैं। यह अापकी आयु, जीवन स्तर, परिवार के सदस्यों, आश्रितों, आय और अपकी मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर सही प्रीमियम राशि का आकलन करता है। ताकि आप ऐसी पॉलिसी का चुनाव कर सकें जो कि आपके ऊपर वित्तीय भार ना डालते हुए आपके इमरजेन्सी मेडिकल खर्चों को कवर करें।

अधिकतम कवरेज

यह ध्यान देने वाली बात है कि सामान्य हैल्थ इंश्योरेंस प्लान में दिल का दौरा, कैंसर, स्ट्रोक, ऑर्गन ट्रांसप्लांट, किडनी फेल्योर आदि गंभीर बीमारियों को कवर नहीं किया जाता है। ये क्रिटिकल इलनेस कवर के तहत आती हैं। इस कवर के तहत आने वाली गंभीर बीमारियों के मेडिकल खर्चों की प्रतिपूर्ति का भुगतान किया जाता है। इसलिए आपको ऐसे प्लान्स देखने चाहिए, जो आपको अधिकतम कवरेज प्रदान करें।

मिनिमम एक्सक्लूजन

एक्सक्लूजन हैल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में ऐसी परिस्थितियां मामले, मेडिकल प्रोसीजर्स, ट्रीट्मेंट्स, बीमारियां आदि हैं, जिनके अंतर्गत आप क्लेम प्राप्त नहीं कर सकते हैं। इसलिए आपको यह जानना जरूरी है कि स्थाई रूप से पॉलिसी कवरेज से क्या-क्या बाहर रखा गया है और निश्चित अवधि (वेटिंग पीरियड) के इंतजार के बाद कौन से उपचार पॉलिसी में कवर किए जाते हैं। आपको उस योजना को चुनना चाहिए, जिसमें अधिकतम कवरेज के साथ न्यूनतम एक्सक्लूजन हों।

चुनें कम वेटिंग पीरियड का विकल्प

पहले से कोई बीमारी होने पर यानी प्री-एग्जिस्टिंग डिजीज में वेटिंग पीरियड लगभग 48 महीनों का होता है तो आप ऐसी पॉलिसी देखें, जिसमें आपको वेटिंग पीरियड कम करने का विकल्प मिल सके। जैसे केयर हैल्थ इंश्योरेंस में रिडक्शन इन वेटिंग पीरियड एड ऑन कवर, जिससे 48 महीनों के पीरियड को 24 महीनों तक कम कर सकते हैं।

अस्पताल में भर्ती की कैशलेस सुविधा

कैशलेस अस्पताल में भर्ती स्वास्थ्य बीमा के लाभों में से एक है। आज के महामारी के समय में इलाज के लिए पैसे का इंतजाम करना मुश्किल है। इसलिए यह जरूरी है कि आप ऐसी योजना लें, जो आपको अपने आस-पास के क्षेत्र में अस्पताल में भर्ती की कैशलेस सुविधा उप्लबध करा सके।

यह भी देख लें एक बार

मूल कवरेज के साथ आप यह भी देखें कि क्या आपको अपनी पॉलिसी के कवरेज को बढ़ाने का विकल्प मिल सकता है। हम अपनी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत विभिन्न ड-ऑन प्रदान करते हैं जैसे कि इंटरनेशनल सेकेंड ओपीनियन, ओपीडी कवर, केयर शील्ड, नो क्लेम बोनस सुपर आदि। ये आपकी पॉलिसी कवरेज को बढ़ा आपको पर्याप्त इलाज दिलाने में मदद करते हैं।

ईएमआई से भुगतान की सुविधा

आप ऐसी स्वास्थ्य बीमा योजना का चयन करें, जहां आप बिना किसी परेशानी के आसानी से प्रीमियम भुगतान कर सकते हैं। आजकल आप हैल्थ इंश्योरेंस पालिसी का अमाउंट ईएमआई के जरिए भी दे सकते हैं, जिससे आपके मासिक बजट पर बोझ भी नहीं पड़ेगा। एेसे में आप ईएमआई वाली हैल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का चुनाव कर सकते हैं।

प्रीमियम पर इनकम टैक्स में भी मिलती है छूट

हैल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर आयकर भुगतान अधिनियम की धारा 80डी के तहत टैक्स में छूट मिलती है। स्वयं, आश्रित माता-पिता, बच्चों और पति या पत्नी के लिए हैल्थ इंश्योरेंस के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम पर 50,000 रुपए तक की कर छूट मिलती है। हालांकि कर राशि आपकी आय और आयु पर निर्भर है। यह आपकी कर आय को भी कम दर्शाने में मदद करती है।

मिलेगा अतिरिक्त लाभ भी

एक सही हैल्थ इंश्योरेंस आपको अतिरिक्त कवर भी देती है। एनुअल नो क्लेम बोनस, एनुअल हैल्थ चेकअप, कैशलेस हॉस्पिटलाइजेशन,एम्बुलेंस कवर रिडक्शन इन वेट पीरियड,  कोविड  शील्ड आदि कवर आपको पूर्ण सुरक्षा प्रदान करते हैं। केयर हैल्थ इंश्योरेंस कंपनी, जिसे भारत में शीर्ष हैल्थ इंश्योरेंस प्रदाताओं में से एक माना जाता है, हैल्थ इंश्योरेंस प्लान्स की एक विस्तृत शृंखला प्रदान करता है। ये योजनाएं आपकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करती हैं और आपको सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने में मदद करती हैं।

िमलेंगी ये सुविधाएं

इन पेशेंट हॉस्पिटलाइजेशन कवर: अगर हादसों या बीमारी के कारण हॉस्पिटलाइजेशन 24 घंटे से अधिक हो जाए तो आपके हॉस्पिटलाइजेशन के खर्चों को हैल्थ पॉलिसी कवर करती हैं।

प्री और पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन: डॉक्टर से परामर्श, निर्धारित डायग्नोस्टिक्स या अस्पताल में भर्ती होने के 30 दिन पहले और अस्पताल में भर्ती होने के 60 दिन बाद तक के खर्चों को कवर करती है।

कोविड-19 कवर: अगर कोविड की चिंता आपको सोने नहीं देती तो अब आपको फिक्र करने की जरूरत नहीं है। हैल्थ पॉलिसी कोरोना वाइरस की वजह से होने वाले हॉस्पिटलाइज़ेशन के खर्चों को भी वहन करती है।

एम्बुलेंस कवर: पॉलिसी में एम्बुलेंस लागत शामिल होती है, जो कि किसी भी पॉलिसीधारक को सड़क एम्बुलेंस का लाभ प्रदान करती है।

आईसीयू शुल्क: आपका स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है। अस्पताल में भर्ती के दौरान आपके आईसीयू शुल्क को बिना किसी सीमा के योजना के आधार पर कवर किया जाता है।

डॉमिसीलियरी हॉस्पिटलाइजेशन: कुछ निर्दिष्ट शर्तों को पूरा करने पर डॉमिसीलियरी हॉस्पिटलाइजेशन यानी घर पर उपचार की सुविधा भी मिलती है।

आयुष लाभ: आयुष (आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी) आपको स्थायी उपचार में मदद करता है। पॉलिसी इसके लिए अस्पताल में भर्ती खर्च को कवर करती है।

नो क्लेम बोनस: आप अपने अच्छे स्वास्थ्य के लिए पॉलिसी के अंतर्गत हर क्लेम-मुक्त वर्ष में नो क्लेम बोनस प्राप्त कर सकते हैं। इससे आपकी बीमा राशि लगातार 5 वर्षों में अधिकतम 50% तक बढ़ जाएगी।

डे-केयर प्रक्रियाएं: पॉलिसी में कई सारी डे-केयर प्रक्रियाएं कवर होती हैं। इसके लिए अस्पताल में 24 घंटे से कम समय के लिए भर्ती होने की आवश्यकता होती है।

ऑर्गन डोनर कवर: अंग दान करने के लिए साहस की आवश्यकता होती है। पॉलिसी में प्रत्यारोपण के लिए चिकित्सा और सर्जिकल खर्चों को कवर किया जाता है।

ऑटोमैटिक रीचार्ज: यदि कभी भी आपका हॉस्पिटल का बिल अपने मौजूदा बीमा राशि से ज्यादा हो जाए तो चिंता न करें। आपकी पॉलिसी में ऑटोमैटिक रीचार्ज की सुविधा भी शामिल है।

एनुअल हेल्थ चेकप: जब आप पॉलिसी कवरेज के तहत वार्षिक स्वास्थ्य जांच करवा सकते हैं तो बाहर के स्वास्थ्य जांच पर अनावश्यक रूप से खर्च क्यों करें।

सेकेंड ओपीनियन: कई बार यह संभव हो सकता है कि आपको सेकेंड ओपीनियन चाहिए। यदि आप अपनी वर्तमान उपचार योजना से संतुष्ट नहीं हैं, तो आप इस बेनेफिट का लाभ उठा सकते हैं।

लाइफ लॉन्ब रिन्यूवबिलिटी: एक बार जब बीमा योजनाओं का चयन करते हैं, तो आप राहत की सांस ले सकते हैं और ब्रेक-फ्री रेनेवबिलिटी पर आजीवन के लिए पॉलिसी जारी रख सकते हैं।

पॉलिसी में यह नहीं होता है कवर

पॉलिसी अवधि प्रारंभ तिथि के 30 दिनों के भीतर होने वाली बीमारियों के लिए कोई निदान, उपचार या सर्जरी की सुविधा नहीं होती।
जन्मजात बीमारी के उपचार से संबंधित चिकित्सा व्यय नहीं दिया जाता है।
आईवीएफ या बांझपन उपचार के कारण चिकित्सा व्यय का पुनर्भरण नहीं होता।
गर्भावस्था, प्रसव, गर्भपात, गर्भपात और उसके परिणामों के कारण / या होने वाले उपचार के कारण उत्पन्न होने वाले उपचार भी शामिल नहीं हैं।
युद्ध, दंगा, हड़ताल या परमाणु हथियारों के कारण अस्पताल में भर्ती होने पर इसका फायदा नहीं मिलता है।
शराब या नशीली दवाओं के दुरुपयोग के कारण चिकित्सा व्यय भी नहीं दिया जाता है।
आत्म-घायल चोटों और आत्महत्या / आत्महत्या के प्रयास के कारण उत्पन्न होने वाले व्यय का भुगतान भी नहीं किया जाता है।
पॉलिसी शुरू होने के 48 महीने तक पहले से मौजूद बीमारी को हैल्थ इंश्योरेंस के तहत कवर नहीं किया जाता है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *