राजस्थान की 7 लाख बेटियों के गार्गी और प्रोत्साहन पुरस्कार पर संकट, सरकार ने नहीं दिया बजट

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जयपुर, 25 फरवरी। राजस्थान में हर साल कक्षा 10 व 12वीं की प्रतिभाशाली बालिकाओं को दिए जाने वाले गार्गी और बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। अभी तक सरकार ने इन पुरस्कारों का बजट जारी नहीं किया है, जिससे इन पुरस्कारों का वितरण नहीं किया जा सका है। इस बार 10वीं और 12वीं में 719118 छात्राओं ने 75 फीसदी या अधिक अंक प्राप्त किए हैं। अब इन बालिकाओं के पुरस्कार के लिए 383 करोड़ रुपए की जरुरत है। इतना अधिक बजट देखकर सरकार के हाथ पांव फूल गए हैं। अभी तक पुरस्कार के लिए बजट स्वीकृत नहीं किया है। यह पुरस्कार हर साल बसंत पंचमी पर दिया जाता है और इसके दो से तीन महीने पहले ही सरकार बजट जारी कर देती है। इस बार बजट जारी नहीं होने से 5 फरवरी को गार्गी पुरस्कारों का वितरण नहीं किया जा सका है। बालिकाओं की इतनी अधिक संख्या देखकर सरकार इसमें कटौती का रास्ता निकालने के प्रयास में है। राज्य की अशोक गहलोत सरकार के लिए अब न उगलते बन रहा है और न निगलते बन रहा है।

पास करने के फॉर्मूले ने बढ़ाई परेशानी

कोरोना के कारण वर्ष 2021 में दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन नहीं किया गया था। ऐसे में राज्य सरकार ने दसवीं में 45+25+10+20 का फार्मूला और बारहवीं में 40+20+20+20 का फार्मूला तय कर इसी के आधार पर रिजल्ट जारी किया था। इस फॉर्मूले के चलते इस बार 10वीं और 12वीं में 75 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं की संख्या बढ़ गई। इस बार दसवीं में 343931 और बारहवीं में 322333 बालिकाओं ने 75 प्रतिशत या इससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। तय नियमों के मुताबिक इतने अंक प्राप्त करने पर दसवीं में गार्गी पुरस्कार और 12वीं में बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार दिया जाता है। वहीं वर्ष 2020 की 52854 बालिकाओं को भी गार्गी पुरस्कार की दूसरी किस्त दी जानी है।

यह दिया जाता है पुरस्कार में

राज्य सरकार की ओर से दसवीं में 75 प्रतिशत या इससे अधिक अंक लाने वाली बालिकाओं को गार्गी पुरस्कार के रूप में दो किस्तों में कुल 6 हजार रुपए दिए जाते हैं। यह योजना 1998 में शुरू की गई थी। बारहवीं में 75 फीसदी से अधिक अंक लाने वाली बालिकाओं को बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में 5 हजार रुपए की एक किस्त दी जाती है। यह योजना 2008 में शुरू की गई थी।

सरकार से मार्गदर्शन मांगा है

इस बारे में माध्यमिक शिक्षा के निदेशक कानाराम का कहना है कि गार्गी और बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार के योग्य बालिकाओं की संख्या इस बार बहुत अधिक है। इसके लिए बड़े बजट की जरुरत है। सरकार से मार्गदर्शन मांगा गया है।- कानाराम, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा बीकानेर।

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