चन्द्रप्रभु व शांतिनाथ मंदिर में ध्वज दंडारोहण

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श्रीमद जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा प्राण महामहोत्सव का समापनः आचार्यश्री वर्धमान सागर ससंघ सान्निध्य में हुए कार्यक्रम


मदनगंज-किशनगढ़। श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन पंचायत व सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से आयोजित श्रीमद जिनेन्द्र पंचकल्याणक महा महोत्सव के पांचवे व छठेदिन पर केवल ज्ञान कल्याणक व मोक्ष कल्याणक महोत्सव का आयोजन किया गया। गुरुवार को विमान शुद्धि कलश यात्रा निकाली गई वहीं केवल ज्ञान संस्कार क्रिया संपन्न हुई वहीं शुक्रवार को अग्निदेव द्वारा संस्कार विधि व मोक्ष कल्याणक पूजा का आयोजन किया गया। विसर्जन कार्यक्रम के साथ ही महामहोत्सव का समापन हुआ।
इन्द्रिरा नगर स्थित शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर और सिटी रोड स्थित चन्द्रप्रभु मंदिर के श्रीमद जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा प्राण महामहोत्सव के पांचवे दिन विमान शुद्धि कलश यात्रा निकाली गई। संहितासूरि पंडित हंसमुख जैन धरियावद द्वारा मंदिर वेदी वास्तु व हवन का आयोजन किया गया। वात्सल्य वारिधि आचार्यश्री वर्धमान सागर महाराज ससंघ के सानिध्य एवं गणिनी आर्यिका सरस्वती माताजी ससंघ की मौजूदगी में केवलज्ञान संस्कार क्रिया, अधिवासना, मुखोद्घाटन, नयनोन्मिलन, सूरीमंत्र, गुणारोपण, केवल ज्ञान पूजा, हवन, पद्दोद्घाटन, समवसरण दर्शन व 46 दीप से आरती, दिव्य ध्वनि का आयोजन किया गया। इस दौरान हजारों जैन समाज के लोगों ने श्रीशांतिनाथ महामुनि एवं श्री चन्द्रप्रभ महामुनिराज व आचार्य वर्धमान सागर महाराज के जयकारों से पांडाल को गूंजा दिया।


महामहोत्सव का विसर्जन
श्रीमद जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा प्राण महामहोत्सव के अंतिम दिन शुक्रवार को ध्यान व आशीर्वाद सभा, श्री जिनाभिषेक एवं नित्यार्चन, मोक्षकल्याणक दृश्य का आयोजन किया गया। वात्सल्य वारिधि आचार्यश्री वर्धमान सागर महाराज ससंघ के सानिध्य एवं गणिनी आर्यिका सरस्वती माताजी ससंघ, गणिनी आर्यिका यशस्विनी मति माताजी ससंघ की मौजूदगी में अग्निदेव द्वारा संस्कार विधि, मोक्ष कल्याणक पूजा, हवन, पूर्णाहुति की गई। आचार्यश्री वर्धमान सागर महाराज के सान्निध्य में दीप प्रज्वलन व चित्र अनावरण सांसद भागीरथ चौधरी, नगर निगम अजमेर के उप महापौर नीरज जैन ने किया। मंगलाचरण श्री दिगम्बर जैन महिला महासमिति ने पेश किया। पाद-प्रक्षालन विजयकुमार, दीपककुमार, मनोज कुमार कासलीवाल कुचील वाले ने किया। शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य महावीर प्रसाद, प्रदीप कुमार, दिलीप कुमार गंगवाल रूपनगढ़ वाले ने किया। कार्यक्रम के दौरान वात्सल्य भोज के पुण्र्याजक महावीर प्रसाद, विनोद कुमार, कैलाशचंद पाटनी, उरसेवा वाले का स्वागत अभिनंदन समाज द्वारा किया गया। आशीर्वाद सभा के बाद रथावर्तन कर यात्रा निकाली गई वहीं वेदी में भगवान को विराजमान, कलशारोहण, ध्वजा एवं ध्वज दंडारोहण का आयोजन किया गया। प्रचार मंत्री गौरव पाटिल ने बताया कि चन्द्रप्रभु मंदिर में शिखर पर ध्वज दंडारोहण का सौभाग्य प्रदीपकुमार, पीयूषकुमार, सौरभ, धैर्य गंगवाल परिवार को मिला। वहीं षांतिनाथ मंदिर में ध्वज दंडारोहण का सौभाग्य अमोलकचंद, अशोक कुमार बड़जात्या कालावाड़ा वाले को प्राप्त हुआ। वहीं श्रीजी को रथयात्रा के माध्यम से मुनिसुव्रतनाथ दिगम्बर जैन मंदिर लाया गया। दोपहर को विसर्जन के साथ महोत्सव का समापन हुआ। कार्यक्रम के दौरान मुनि सुव्रतनाथ दिगम्बर जैन पंचायत अध्यक्ष विनोद पाटनी ने महामहोत्सव के दौरान आवास, भोजन, यातायात, जुलूस व्यवस्था, प्रशासनिक व्यवस्था, पूजन विधान व कलश वितरण, मंच व्यवस्था आदि समितियों के सराहनीय सहयोग का आभार जताया।
जैन धर्म आगम के अनुसार चलता हैः आचार्यश्री
मदनगंज किशनगढ़। वात्सल्य वारिधि व राष्ट्र गौरव आचार्यश्री वर्धमान सागर महाराज ने कहा कि 26 जनवरी को देश चलाने के लिए संविधान लागू किया गया। संविधान में समय-समय पर आवश्यकता के अनुसार संशोधन होते है लेकिन जैन धर्म में देव शास्त्र गुरु द्वारा बनाए गए नियम-संविधान में कोई परिवर्तन नहीं होता है। देश तंत्र के अनुसार चलता है किन्तु जैन धर्म आगम के अनुसार चलता है। इन्द्रिरा नगर स्थित शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर और सिटी रोड स्थित चन्द्रप्रभु मंदिर के श्रीमद जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा प्राण महामहोत्सव के तहत वर्धमान सभागार में आयोजित प्रवचन सभा में आचार्यश्री ने कहा कि तीर्थंकर भगवान को आहार की जरूरत नहीं होती है फिर भी तीर्थंकर भगवान आहार के माध्यम से भविष्य का संविधान बनाते हैं कि मुनिराज किस प्रकार आहार करेंगे वे किस विधि से आहार लेंगे। वीतरागता के तंत्र में कोई परिवर्तन नहीं होता है अतः सभी रत्नत्रय रूपी वीतरागता को प्राप्त करने के लिए सबको पुरुषार्थ करना चाहिए। सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चारित्र रत्न त्रय के अभाव में प्राणी संसार में परिभ्रमण कर रहे हैं। सबसे पहले 8 कर्मों का आश्रव रोकना होगा इसके लिए संवर तत्व अर्थात जिस प्रकार बांध बनाकर पानी को रोका जाता है उसी प्रकार कर्मों के आश्रव को तप और संयम रूपी बांध बनाकर कर्मों की निर्जरा तप संयम और साधु जीवन के माध्यम से करना होगी। उन्होंने कहा कि अंधकार को जिस प्रकार दूर करने के लिए दीपक के प्रकाश से अंधकार को दूर किया जाता है उसी प्रकार आपको मोह रूपी अंधकार को ज्ञान रूपी दीपक के माध्यम से दूर करना होगा। इसके लिए संयमधारण कर निर्वाण को प्राप्त किया जा सकता है। मनुष्य भव में 84 लाख योनि से छुटकारा पाने का यही उपाय है यही मंगलकारी है इससे आप परमात्मा बन सकते हैं
आचार्यश्री ने कहा कि हमारे देव शास्त्र गुरु परम आराध्य हैं। इनकी भक्ति कर पाप कर्मों को नष्ट कर सकते हैं। नारी पर्याय से कैसे छुटकारा पाया जा सकता है इसके उत्तर में आचार्यश्री ने कहा कि सम्यक दर्शन, ज्ञान चरित्र जो धर्म है उसका समीचीन पालन करके आप नारी पर्याय से छुटकारा पा सकते हैं । प्रवचन के दौरान एक श्रावक ने प्रश्न किया कि सर्वश्रेष्ठ गति कौन सी है तो आचार्यश्री ने कहा कि मनुष्य गति ही श्रेष्ठ है क्योंकि इससे आप संयम धारण करके मोक्ष की प्राप्ति कर सकते हैं। वर्ष 2023 को वात्सल्य वारिधि आचार्यश्री वर्धमान सागर का चातुर्मास किस नगर में होने संबंधी संजय पापड़ीवाल के प्रश्न पर आचार्यश्री ने उत्तर देते हुए कहा कि चातुर्मास स्थापना की नियत तिथि को संघ जिस नगर में होगा वहा चातुर्मास स्थापित करेंगे। वात्सल्य वारिधि भक्त परिवार के राजेश पंचोलिया इंदौर ने बताया कि वात्सल्यमय जीवन दर्शन प्रदर्शनी का समापन भी हुआ।
केबिनेट मंत्री कटारिया ने लिया आशीर्वाद
आचार्य वर्धमान सागर महाराज से आशीर्वाद लेने के लिए केबिनेट मंत्री लालचंद कटारिया भी आरके कम्यूनिटी सेंटर पहुंचे। केबिनेट मंत्री ने श्रीफल भेंट कर आचार्यश्री से आशीर्वाद लिया। आरके मार्बल समूह के चेयरमैन अशोक पाटनी, मुनि सुव्रतनाथ दिगम्बर जैन पंचायत के अध्यक्ष विनोद पाटनी, मंत्री सुभाष बड़जात्या, संजय पापडीवाल, विमल बड़जात्या, राकेश पाटनी ने किया।
ये कार्यक्रम हुए
मदनगंज किशनगढ़। इन्द्रिरा नगर स्थित शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर और सिटी रोड स्थित चन्द्रप्रभु मंदिर के श्रीमद जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्राण प्रतिष्ठा महा महोत्सव के तहत प्रतिष्ठाचार्य संहितासूरि हंसमुख जैन के निर्देशन में प्रातः ध्यान व आशीर्वाद सभा, श्री जिनाभिषेक एवं नित्यार्जन का आयोजन किया गया। वर्धमान सभागार में वात्सल्य वारिधि आचार्य वर्धमान सागर महाराज ससंघ के मंचासीन होने के बाद चित्र अनावरण व दीप प्रज्ज्वलन विधायक सुरेश टाक ने किया। पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन महिला मंडल द्वारा मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया। पाद प्रक्षालन करने का सौभाग्य पारसमल, चेतनप्रकाश, तिलोक, पवन पांड्या परिवार को मिला। वहीं शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य श्रीमती रामज्योति अनिल-मुकेश सेठी कुचील वालों को मिला। कार्यक्रम के दौरान वात्सल्य भोज पुण्यार्जक अजीत कुमार, रवि कुमार, राजकुमार बाकलीवाल बीर वालों का स्वागत अभिनंदन किया गया। सांयकालीन आरती करने का सौभाग्य पारसमल, चेतनप्रकाश, तिलोक, पवन पांड्या परिवार को प्राप्त हुआ। कृष्णापुरी निवास स्थान से हाथी और बग्गियों में सवार होकर पांड्या परिवार के लोग वर्धमान सभागार पहुंचे जहां पर श्रीजी की महाआरती की गई। शास्त्र सभा के बाद भजन संध्या का आयोजन किया गया

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