कृषि और उद्यानिकी में रोजगार के अवसर बताएं

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मदनगंज किशनगढ. श्री रतनलाल कंवरलाल पाटनी राजकीय स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय किशनगढ़ में राजस्थान राज्य महिला नीति 2021 के तत्वाधान में महाविद्यालय की छात्राओं हेतु कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें छात्राओं को कृषि तथा कृषि से सम्बंधित किसी भी क्षेत्र को रोजगार के लिए व्यवहार्य साधन के रूप में स्वीकार करने के लिए शिक्षित और प्रेरित किया गया | इस प्रयोजनार्थ आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ अविनाश अग्रवाल ने बताया कि जैविक खेती, उद्यानिकी, रेशम कीट पालन एवं बूँद- बूँद सिंचाई विषयों के अन्तर्सम्बन्धो को स्पष्ट करते हुए बताया कि जैविक खेती पर्यावरण हितेषी, श्रमसाध्य, रोजगारपरक, पूर्णतया कार्बोनिक, हानिरहित, गुणवत्तापूर्ण एवं संपोषणीय है | उद्यानिकी के अंतर्गत फल, फूल, दालें, सूखे मेवे की खेती सम्मिलित है जो कृषको के लिए आर्थिक एवं पर्यावरणीय महत्व दृष्टि से अत्यन्त लाभकारी है, उदाहरणः ड्रैगन फ्रूट, खजूर, जैतून, गुलाब इत्यादि| बूँद – बूँद सिंचाई द्वारा कम जल संसाधनों में भी अधिक उपज बिना मृदा हानि के प्राप्त की जा सकती है| रेशम कीट पालन, रेशम कीटों को खेती के साथ साथ मुख्यतः शेह्तूत के पौधों पर पालन करके रेशम प्राप्त करने की विधि है जो किसानो को अतिरिक्त आय प्रदान कर सकता है| महाविद्यालय की सहायक आचार्य कीर्ति रमन ने राजस्थान मिल्लेट्स प्रोत्साहन मिशन 2023 पर अपना व्याख्यान दिया| उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ़ एग्रीकल्चर मैनेजमेंट (SIAM) जयपुर में मार्च 13-14, 2023 को आयोजित समिट में मोटे अनाजों के महत्व, अधिक उत्पादन हेतु किसानों को जागरूक करने एवं उनकी आर्थिक स्थति को समृद्धि हेतु लाया गया|

महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर जगदीश प्रसाद शुक्ला ने राज्य महिला नीति के अंतर्गत होने वाले सभी व्याख्यानों को छात्राओं हेतु अत्यन्त ज्ञानवर्धक प्रेरणादायी बताया तथा अधिकाधिक संख्या में भाग लेने हेतु प्रोत्साहित किया| कार्यक्रम का संचालन महिला नीति प्रभारी सहायक आचार्य सुरभि सिंघल ने किया| डॉ. वीनू अग्रवाल ने मुख्यवक्ता, विद्यार्थियों एवं उपस्थित समस्त सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया| कार्यक्रम में डॉ. वंदना माथुर, सुनीता शर्मा आदि उपस्थित रहे|

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