Electronic Goods इलेक्ट्रॉनिक सामान निर्यात में बढ़ रहा भारत का दबदबा

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नई दिल्ली, 28 जनवरी। भारत के इलेक्ट्रॉनिक वस्तु निर्यात ने पिछले महीने 1.67 बिलियन डॉलर का आंकड़ा छुआ। यह दिसंबर 2020 में अर्जित 1.25 बिलियन डॉलर की तुलना में 33.99 प्रतिशत अधिक है। अप्रैल-दिसंबर 2021 के दौरान इस सेक्टर के निर्यात ने 11.0 बिलियन डॉलर (अनंतिम) अर्जित कर वर्ष 2020 की समान अवधि के दौरान अर्जित किए गए 7.4 बिलियन डॉलर की तुलना में 49 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज कराई। अप्रैल-दिसंबर 2019 के दौरान (8.8 बिलियन डॉलर) तथा अप्रैल-दिसंबर 2014 (4.8 बिलियन डॉलर) की तुलना में इलेक्ट्रोनिक वस्तु निर्यात ने क्रमश: 26 प्रतिशत और 131 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज कराई।

अप्रैल-नवंबर 2021 में (नवीनतम उपलब्ध, ब्रैकेट में प्रतिशत हिस्सा) शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक निर्यात अमेरिका (18 प्रतिशत), संयुक्त अरब अमीरात (16.6 प्रतिशत), चीन (7.6 प्रतिशत), नीदरलैंड (4.5 प्रतिशत) तथा जर्मनी (4.2 प्रतिशत) को किया गया है।

निर्यात में बड़ी हिस्सेदारी मोबाइल फोन की

मोबाइल फोन की भारत के इलेक्ट्रॉनिक वस्तु सेक्टर निर्यात में प्रमुख हिस्सेदारी है। इस सेक्टर में आईटी हार्डवेयर (लैपटॉप, टैबलेट), उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स (टीवी, एवं ऑडियो), औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, एलईडी लाइटिंग, स्ट्रैटजिक इलेक्ट्रॉनिक्स, पीसीबीए, वीयरेबल्स तथा हियरेबल्स तथा दूरसंचार उपकरण शामिल हैं।

सर्वकालिक ऊंचाई का रिकॉर्ड बनाना तय

पिछले वित्त वर्ष ( मार्च, 2020-अप्रैल 2021) के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का कुल निर्यात 11.11 बिलियन डॉलर था और वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तीन तिमाहियों में अर्जित 11.0 बिलियन डॉलर के निर्यात के साथ इस सेक्टर द्वारा वित्त वर्ष 2019-20 में दर्ज 11.7 बिलियन डॉलर की पिछली ऊंचाई से बहुत आगे निकलते हुए सर्वकालिक ऊंचाई का रिकॉर्ड बनाना तय है।

सरकार द्वारा उठाए गए कदम

सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से जिनमें – राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति, 2019 जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण (ईएसडीएम) के लिए एक वैश्विक हब के रूप में भारत को स्थापित करने की परिकल्पना की गई है। इसके तहत बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रोनिक्स विनिर्माण के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन स्कीम (पीएलआई), आईटी हार्डवेयर के लिए पीएलआई, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट तथा सेमीकंडक्टरों के विनिर्माण के संवर्धन के लिए स्कीम (स्पेक्स), मोडीफायड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर्स (ईएमसी 2.0) के निर्माण सहित मोबाइल फोन समेत इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुओं के घरेलू विनिर्माण तथा निर्यात में बढोतरी की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, लागू कानूनों के अध्यधीन इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए ऑटोमैटिक रूट के तहत 100 प्रतिशत तक के एफडीआई की अनुमति है। मोबाइल फोनों तथा उनके सब-असेंबली/ पाट्र्स विनिर्माण में घरेलू मूल्य वर्धन को बढ़ावा देने के लिए चरणबद्ध विनिर्माण कार्यक्रम (पीएमपी) को अधिसूचित किया गया है। सेलुलर मोबाइल फोन सहित इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए टैरिफ संरचना को युक्तिसंगत बनाया गया है।

300 बिलियन डॉलर की रूपरेखा तय

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने 24 जनवरी को इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए 5 वर्षीय रोडमैप तथा विजन दस्तावेज के द्वितीय संस्करण का अनावरण किया। पहले संस्करण का अनावरण नवंबर, 2021 में किया गया था। विजन दस्तावेज में वर्तमान 75 बिलियन डॉलर की तुलना में अगले पांच वर्षों की अवधि में भारत को एक 300 बिलियन डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पावरहाउस के रूप में रूपांतरित करने की रूपरेखा बनाई गई है। यह 2026 तक इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुओं के निर्यात को भारत के शीर्ष 2-3 निर्यात रैकिंग के बीच लाने में सहायता करेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुओं के निर्यात के 2021-22 में अनुमानित 15 बिलियन डॉलर से बढ़ कर 2026 तक 120 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाने की उम्मीद है।

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