ओपीएस की मांग को लेकर विद्युत श्रमिक महासंघ ने विद्युत भवन पर किया प्रदर्शन

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ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी के साथ मांगों को लेकर वार्ता एवं ज्ञापन भी सौंपा
पुरानी पेंशन देने एवं निजीकरण पर रोक की मांग को लेकर ऊर्जा मंत्री एवं ऊर्जा सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

जयपुर.

विद्युत भवन पर राजस्थान राजस्थान विद्युत श्रमिक महासंघ बीएमएस द्वारा भारी संख्या में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। संगठन ने सरकार जगाओ आह्वान पर पुरानी पेंशन अब निजीकरण सहित 28 सूत्री मांग पत्र को लेकर ऊर्जा मंत्री एवं ऊर्जा सचिव महोदय से लंबी वार्ता की सरकार द्वारा कर्मचारियों को अवकाश नहीं देने एवं विद्युत निगमों में तीव्र गति से किए जा रहे निजी करण टाइम बाउंड प्रमोशन अपग्रेडेशन के सरकार निगम प्रशासन आदेश होने के उपरांत नहीं करना एवं पदनाम जैसे प्रमुख मांगों को नहीं माने जाने से नाराज है जिससे पूरे राजस्थान के सभी जिलों के विद्युत कर्मी लगभग 5000 की संख्या में उपस्थित होकर सरकार जगाओ अभियान में शामिल हुए। प्रदर्शन की अध्यक्षता धर्मेंद्र सिंह सांखला, महासंघ के महामंत्री विजय सिंह बघेला, क्षेत्रीय संगठन मंत्री राज बिहारी, बीएमएस महामंत्री हरिमोहन शर्मा, अखिल भारतीय विद्युत महासंघ अध्यक्ष मधुसूदन जोशी, पूर्व अध्यक्ष बिशन सिंह आजाद सिंह हाडा सुशील सेन सीपी शर्मा एवं विद्युत की पांच कंपनियों से पधारे हुए कर्मचारी मौजूद रहे उपरोक्त मांगों को लेकर ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी राजस्थान सरकार एवं ऊर्जा सचिव भास्कर ए सावंत को प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ऊर्जा मंत्री ने पुरानी पेंशन एवं कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया। इसी कड़ी में उर्जा सचिव भास्कर ए सावंत नए बोर्ड रूम में सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वार्ता की और पुरानी पेंशन का एजेंडा सरकार में शीघ्र भिजवाने का आश्वासन दिया। साथ ही बोनस के आदेश दीपावली से पूर्व शीघ्र कराने एवं मुख्य रूप से पदनाम परिवर्तन को जल्दी ही कराने एवं समय से प्रमोशन इंटर डिस्कॉम नीति बनाने गलत तरीके से हो रहे निजीकरण का परीक्षण कराने सहित 28 सूत्री मांग पत्र का शीघ्र निस्तारण करने का भरोसा दिया। साथ ही विद्युत श्रमिक महासंघ द्वारा चेतावनी दी गई कि यदि प्रशासन सरकार ने हमारी मांगो को गंभीरता पूर्वक समाधान नहीं किया गया तो दीपावली अंधेरे में बनानी पड़ेगी इसकी सारी जिम्मेदारी निगम प्रशासन सरकारकी होगी।

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