जयपुर में ड्रोन निर्माताओं ने दिखाई क्षमताएं

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सिंचाई खेती सहित आपातकाल में हो सकते है मददगार
आईस्टार्ट राजस्थान के अंतर्गत ड्रोन एक्सपो 2022


जयपुर.
सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के आईस्टार्ट राजस्थान के तहत 16 जून गुरुवार को यहां झालाना सांस्थानिक क्षेत्र स्थित टेक्नो हब में आयोजित ड्रोन एक्सपो-2022 में 50 से अधिक ड्रोन निर्माताओं ने अपने ड्रोन की क्षमताओं का प्रदर्शन किया। किसी ने बाढ़ या समुद्र के भीतर आपातकालीन परिस्थितियों में ड्रोन के जीवनरक्षक बनने का प्रदर्शन किया तो किसी ने आसमान में एरोबेटिक्स दिखाकर सिंचाई और खेती में ड्रोन के मददगार बनने की क्षमताओं को दिखाया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बजट घोषणा के अनुसार राज्य सरकार इस वर्ष विभिन्न विभागों के लिए एक हजार ड्रोन खरीदने की योजना बना रही है।
सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोड़ा ने ड्रोन प्रदर्शनी का अवलोकन किया और ड्रोन निर्माताओं से उनके उपयोग को लेकर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को ड्रोन का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इससे पहले आयुक्त संदेश नायक ने कार्यक्रम का उद्घाटन कर उपस्थित लोगों के साथ अपने विचार साझा किये। नायक ने किसानों के लिए ड्रोन तकनीक के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ड्रोन न केवल सिंचाई और कीटनाशक छिडक़ाव में काश्तकारों की मदद कर सकते हैं बल्कि प्रतिकूल मौसम और परिस्थितियों के कारण होने वाले नुकसान व हानि का सर्वेक्षण करने में भी कृषि विभाग के लिए मददगार बनेगा। ड्रोन निगरानी और सुरक्षा में पुलिस विभागए जल संसाधन विभाग वन्यजीव व अन्य विभागों की मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह दिन भी दूर नहीं जब उत्पादों की होम डिलीवरी के लिए ड्रोन उपलब्ध होंगे।
राजस्थान नीति आयोग के साथ डब्ल्यूईपी साझेदारी करने वाला पहला राज्य
विभाग ने राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम का विस्तार करने के लिए नीति आयोग एचडीएफसी बैंक, पीएचडी चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स और फिक्की एफएलओ आईसीआईसीआई बैंक अमेजॉन एडब्ल्यूएस के साथ भागीदारी की है। नीति आयोग से वरिष्ठ सलाहकार ऐना रॉय ने अवगत कराया कि राजस्थान नीति आयोग के साथ वुमन एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम (डब्ल्यूईपी) साझेदारी करने वाला पहला राज्य हैए जिससे प्रदेश की महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन व सरकार द्वारा दी जाने वाली अनेक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। आईस्टार्ट राजस्थान प्रदेश में उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के तहत राज्य सरकार की प्रमुख योजना है जहां वर्तमान में 1700 से अधिक स्र्टाटअप पंजीकृत हैं और 200 स्टार्टअप इनक्यूबेट हैं। राज्य सरकार की ओर से 300 से अधिक स्टार्टअप को वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है।
अधिकारियों ने ड्रोन प्रदर्शन को अपने विभागीय उपयोग के दृष्टिकोण से देखा
कार्यक्रम में वक्ता प्रदीप नामदेव एवं प्रणव राऊतविल ने भारत में ड्रोन कानून के संबंध में विस्तृत प्रकाश डाला वहीं अमृत महापात्र ने प्रौद्योगिकी और उपयोग पर आधारित ड्रोन के प्रकार के बारे में जानकारी साझा की। इस दौरान कृषि आयुक्त काना राम पुलिस महानिदेशक एससीआरबी शरत कविराज पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के सदस्य सचिव उदय शंकर एपीसीसीएफ आईटी अरिजीत बनर्जी सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए और प्रदर्शित ड्रोन को अपने विभागीय उपयोग के दृष्टिकोण से देखा।

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