रोडवेज में बसों की खरीद और नई भर्तियों की मांग की

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रोडवेज कर्मचारी भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में करेंगे उग्र आंदोलन
प्रमुख पदाधिकारी बैठक में लिया निर्णय


जयपुर। रोडवेज में कार्यरत भारतीय मजदूर संघ से सम्बन्धित श्रम संगठन परिवहन फैडरेशन एवम सेवानिवृत कर्मचारी महासंघ के प्रमुख पदाधिकारियों की सयुंक्त बैठक श्री विनोद कुमार गुप्ता प्रदेशाध्यक्ष फैडरेशन की अध्यक्षता में मंगलवार दिनांक 15 अगस्त 2023 को भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक में राज्य सरकार द्वारा की जा रही रोडवेज उद्योग की अनदेखी के चलते आज रोडवेज उद्योग बंद होने के कगार पर पहुंचने की वर्तमान परिस्थिति पर गहन चर्चा की गई । संगठन का मानना है कि कर्मचारियों के आंदोलन करने के पश्चात भी सरकार द्वारा कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं करना यह साबित करता है कि सरकार रोडवेज को बंद करना चाहती है।
फैडरेशन के प्रदेश महामंत्री सत्यनारायण शर्मा ने प्रेस को दी जानकारी में बताया कि पूर्ववर्ती सरकार के समय 2 तरह के आंदोलन किए गए। फैडरेशन द्वारा भूख हड़ताल एवम आमरण अनशन और अन्य संगठनों द्वारा रोडवेज की चक्का जाम हड़ताल की गई थी। उस वक्त वर्तमान सरकार के प्रतिनिधियो ने रोडवेज की सभी समस्याओं के समाधान करने के वादे कर रोडवेज कर्मचारियो के समर्थन से सरकार बनाई।परंतु सरकार के पूरे कार्यकाल में भी रोडवेज की समस्या जैसे की तैसे ही है ।
सत्यनारायण शर्मा ने रोडवेज में कार्यरत अन्य संगठनों पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ संगठन सरकार और प्रबन्धन की गोद में बैठकर कार्य कर रहे है जिस कारण भी रोडवेज की समस्याओं के समाधान नहीं निकल पाया है । अन्य संगठनों द्वारा हमेशा से फैडरेशन द्वारा अलग से आंदोलन करने पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए आरोप लगाए थे कि भारतीय मजदूर संघ के अलग होने के कारण समाधान नहीं हो पाता है। रोडवेज कर्मचारियों की सामूहिक आंदोलन करने की इस भावनाओ का सम्मान करते हुए फैडरेशन ने रोडवेज में कार्यरत सभी श्रम संगठनों को साझा आंदोलन करने का लिखित में पत्र भेज कर कार्यक्रम करने हेतु निवेदन किया गया था। परंतु संयुक्त मोर्चे द्वारा कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ के साथ साझा आंदोलन करने में मौखिक रूप से असहमति जताये जाने से यह प्रमाणित होता है कि अन्य संगठन रोडवेज की समस्या समाधान के विषय पर गंभीर नहीं है। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय की गई हड़ताल के समय अन्य संगठनों द्वारा भारतीय मजदूर संघ पर भाजपा सरकार से मिलीभगत का आरोप लगाकर हड़ताल में शामिल नहीं होने का कर्मचारियों में भ्रम फैलाया। जबकि बीएमएस गैर राजनैतिक संगठन है। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय भी भारतीय मजदूर संघ रोडवेज में चक्का जाम हड़ताल के विरोध में था और आज भी वर्तमान में राज्य में कांग्रेस सरकार होने के बावजूद भी बीएमएस रोडवेज उद्योग में चक्का जाम हड़ताल का पक्षधर नहीं है। बीएमएस का मानना है की रोडवेज में चक्का जाम हड़ताल करना अपने पैरो पर स्वयं कुल्हाड़ी मारने और निजी वाहनों को पनपने का मौका देने के समान है।


इसी के मद्देनजर बैठक में यह निर्णय लिया कि वर्तमान में रोडवेज की निम्नलिखित मांगो जिसमे प्रमुखता से
(1) रोडवेज को राज्य सरकार के परिवहन विभाग में समायोजन किया जाए।
( 2) रोडवेज में वेतन एवम पेंशन का भुगतान माह के पहले कार्य दिवस में किया जाए।

(3) रोडवेज में शीघ्र ही 2000 नई बसों की खरीद एवम् रिक्त 10000 पदो की भर्ती शीघ्र की जावे
(4) रोडवेज में बकाया सेवानिवृत कर्मचारियों के बकाया परिलाभो का भुगतान तुरंत किया जावे
( 5) रोडवेज में अनुबंध पर ली गई 398 बसों तथा निगम मुख्यालय में सभी विभागाध्यक्षो द्वारा 1 वर्ष में मंजूर की गई अपील में भ्रष्टाचार होने का पूर्ण अंदेशा है उसकी उच्चस्तरीय जांच की जाए।
(6) रोडवेज में अन्य राज्यो की तरह चालको का प्रमोशन चैनल सृजन किया जाए।
(7) रोडवेज में स्थाई आदेश से शासित महिला कर्मचारी को सीसीएल अवकाश का प्रावधान किया जावे ।
(8) निगम में तकनीकी कर्मचारियों के ग्रेड पे में हुई विसंगति को दूर की जाए।
उपरोक्त प्रमुख मांगो के समर्थन में निम्नानुसार चरणबद्ध आंदोलन सुनिश्चित किए गए है ।
दिनांक 11 सितंबर 2023 को सभी आगारों में 1 दिवसीय धरना / प्रदर्शन कर माननीय मुख्यमंत्री महोदय के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन एवम् माननीय प्रबंध निदेशक के नाम मुख्य प्रबंधक को ज्ञापन दिए जायेंगे। जयपुर की सभी इकाइयों का 1 दिवसीय धरना मुख्यालय पर होगा ।
दिनांक 27 सितंबर 2023 से 5 अक्टूबर 2023 तक सिंधी कैंप बस स्टेंड पर कार्मिक अनशन/ धरना
दिनांक 6 अक्टूबर 2023 को सिंधी कैंप से रैली निकाल कर मुख्यालय पर विशाल प्रदर्शन/ रैली / धरना
उक्त आंदोलन के पश्चात भी यदि राज्य सरकार द्वारा कोई सकारात्मक पहल एवम् कार्यवाही नहीं करने पर आगामी विधानसभा चुनाव में सरकार की रोडवेज विरोधी नीतियों को लेकर जनता के बीच जाकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
उपरोक्त आंदोलन को सफल बनाने हेतु कर्मचारियों को जागृत करने के उद्देश्य से दिनांक 20 अगस्त 2023 से 28 अगस्त 2023 तक एवम् 12 सितंबर 2023 से 18 सितंबर 2023 तक प्रदेश पदाधिकारीयों द्वारा सभी आगारो में प्रवास कर द्वार सभा की जाएगी।

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