सीमा पर पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

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जम्मू कश्मीर के अग्रिम इलाकों पर सुरक्षा की समीक्षा की
सशस्त्र बलों के जवानों का बढ़ाया मनोबल


जयपुर.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 16 जून को जम्मू कश्मीर के अग्रिम क्षेत्रों का दौरा किया और सीमा चौकियों पर सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया। राजनाथ सिंह केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने उत्तरी कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अग्रिम चौकियों की देखभाल करने वाली फॉर्मेशन की स्थिति का प्रत्यक्ष रूप से आकलन किया। उनके साथ थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडेय जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (जीओसी इन सी) उत्तरी कमान लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी जीओसी 15 कोर लेफ्टिनेंट जनरल एएस औजला और जीओसी 19 इन्फैंट्री डिवीजन मेजर जनरल अजय चांदपुरिया भी उपस्थित रहे।
रक्षा मंत्री को नियंत्रण रेखा पर मौजूदा युद्ध विराम समझौते इस क्षेत्र की किलेबंदी पर विकास कार्यों घुसपैठ रोधी ग्रिड परिचालन तैयारियों और सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य-असैन्य संपर्क के बारे में जानकारी दी गई। 15 कोर मुख्यालय पहुंचने पर राजनाथ सिंह को जीओसी 15 कोर द्वारा नियंत्रण रेखा और भीतरी इलाकों में वर्तमान समग्र सुरक्षा स्थिति के बारे में बताया गया। उन्हें अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए किए गए उपायों के बारे में भी जानकारी दी गई।
रक्षामंत्री सिंह ने सशस्त्र बलों, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और जम्मू कश्मीर पुलिस के कर्मियों के साथ बातचीत की। रक्षा मंत्री ने वहां उपस्थित कर्मियों को संबोधित भी किया। उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियों को स्रह्नशलतापूर्वक निभाने के लिए उनकी वीरता तथा उत्साह को उल्लेखनीय करार दिया और उनकी सराहना की। उन्होंने नागरिक प्रशासन के सभी वर्गों जम्मू कश्मीर पुलिस केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा एक संपूर्ण सरकार दृष्टिकोण पेश करने में उत्कृष्ट तालमेल की प्रशंसा की जिसके परिणामस्वरूप केंद्र शासित प्रदेश में विकास के एक नए युग को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल सुरक्षा स्थिति में सुधार हुआ है। रक्षा मंत्री ने अदम्य साहस व समर्पण के साथ देश की सेवा करने और लोगों विशेषकर युवाओं में राष्ट्रीय गौरव की भावना पैदा करने के लिए सुरक्षा कर्मियों की सराहना की।
रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारे पड़ोसी देश ने हमेशा भारत विरोधी गतिविधियों का सहारा लिया है। इस राज्य में अतीत में भी आतंकी गतिविधियां देखी गई हैं। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों बीएसएफ, सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों के अथक प्रयासों के कारण हाल ही में राज्य में आतंकवादी गतिविधियों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट आई है। पाकिस्तान लगातार ब्लीड इंडिया विद ए थाउजेंड कट्स के अपने दुष्प्रयासों के माध्यम से भारत में शांति भंग करने की कोशिश करता है। लेकिन हमारे सुरक्षा बल इस देश के लिए एक ऐसा सुरक्षा कवच हैं कि जो भी इसे तोडऩे की कोशिश करता है वह खुद ही लहूलुहान हो जाता है। राष्ट्र को हमारी सुरक्षा ताकतों पर अटूट विश्वास है जो किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
रक्षा मंत्री ने राष्ट्र को आश्वासन देते हुए कहा कि यदि कभी भी देश की एकता और अखंडता को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गईए तो सशस्त्र बल इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सशस्त्र बल भविष्य की चुनौतियों का पूरी ताकत के साथ सामना करेंगे और उनकी वीरता तथा समर्पण से देश के सुनहरे भविष्य का निर्माण होगा। रक्षा मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में शांति निर्माण में उनके उच्च स्तर के मनोबल बनाए रखने तथा योगदान के लिए 15 कोर की सराहना की।

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