मोबाइल फोन से बुजुर्गों को हुआ खतरनाक नुकसान

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बुजुर्गों की प्रति लापरवाह हो रहे युवा, Mobile phone है बड़ा कारण

नई दिल्ली। हमारे देश में हाल ही हुए एक सर्वे में खुलासा हुआ है कि मोबाइल फोन और व्हाट्स एप—फेसबुक जैसे सोशियल एप आने के बाद युवाओं का बुजुर्गों से संवाद खत्म सा हो गया है। ऐसे में बुजुर्गों के स्वास्थ्य सहित अन्य समस्याओं पर भी युवाओं का ध्यान नहीं जाता है और न ही वे सही से बुजुर्गों की देखभाल कर पा रहे हैं।

दस हजार बुजुर्गों ने बताई पीड़ा

पैन हेल्थकेयर ने ‘द लिबर्टी इन लाइफ ऑफ ओल्डर पीपल 2022’ सर्वेक्षेण किया था। इसमें 10 शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, लखनऊ, पटना, पुणे और अहमदाबाद से 10 हजार बुजुर्गों की प्रतिक्रियाएं दर्ज की गईं थी। लगभग 72.5 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनकी पीढ़ी के लोग परिवार में बुजुर्गों के साथ अधिक समय बिताते थे।अध्ययन में यह भी कहा गया है कि 51 प्रतिशत बुजुर्गों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, जिसके कारण उन्हें इधर-उधर जाने और खुद के काम करने में परेशानी होती है।

अध्ययन में कहा गया है कि भारत में बुजुर्गों के आने-जाने में रुकावट का सबसे बड़ा कारण जोड़ों और शरीर का दर्द है, जिससे पीड़ित लोगों की संख्या 58.1 प्रतिशत है। थकान और भूलने की बीमारी (प्रत्येक 8.4 प्रतिशत) भी इस सूची में शामिल हैं। एक और बड़ा कारण मूत्र को न रोक पाना (18 प्रतिशत) है, जिसकी वजह से बुजुर्ग आने-जाने से बचते हैं।

जनगणना के आंकड़े बताते हैं कि भारत में बुजुर्गों की आबादी सामान्य आबादी की तुलना में बहुत तेज गति से बढ़ रही है। आने वाले दशक में इसके 40 प्रतिशत से अधिक बढ़ने की संभावना है, जबकि कुल जनसंख्या में केवल 8.4 प्रतिशत अपेक्षित वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, यह जरूरी है कि परिवार के छोटे सदस्य बुजुर्गों की शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक जरूरतों पर अधिक ध्यान दें।

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