अजमेर जेएलएनएच का किया जाए संपूर्ण कायाकल्प

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400 करोड़ की लागत से मिले अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं
अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी ने केेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र


मदनगंज-किशनगढ़.
अजमेर सांसद भागीरथ चौघरी ने अजमेर संभाग मुख्यालय पर स्थित प्रमुख चिकित्सा केन्द्र जवाहर लाल नेहरू आयुर्विज्ञान महाविद्यालय का संपूर्ण कायाकल्प किए जाने की मांग की है। सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक रेस्पीरेटरी मेडिसिन एवं सिलिकोसिस ब्लॉक इन्स्टीट्यूट ऑफ स्पोट्र्स इन्जरी ब्लॉक एवं एमआरआई मशीन की स्थापना हेतु आवश्यक बजट आवंटन कर अत्याधुनिक चिकित्सीय सुविधाओं की समुचित सहज उपलब्धता कराने हेतु केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख एल मण्डाविया एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री भारती प्रवीण पंवार को पत्र लिखा है।
इस पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि मेरे संसदीय क्षेत्र अजमेर में स्थित अजमेर संभाग का सबसे बड़ा चिकित्सा संस्थान जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय अजमेर गत 57 वर्षों से अजमेर संभाग के साथ साथ सम्पूर्ण राजस्थान के बीमार मरीजों का सफलता पूर्वक इलाज कर रहा है। उक्त चिकित्सा संस्थान सन् 1965 में स्थापित जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान महाविद्यालय अजमेर के अधीन संचालित है। यहां पर प्रतिवर्ष 250 यूजी एवं 197 पीजी मेडिकल छात्र-छात्राएं अपनी पढाई एवं प्रशिक्षण पूर्ण कर देश विदेश में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उक्त चिकित्सा संस्थान में गत वर्ष 2021-22 में 970290 ओपीडी एवं 59727 आईपीडी में रोगी भर्ती होकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया है लेकिन उक्त चिकित्सा संस्थान को और अधिक उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता की महती आवश्यकता है जिसमें सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक, रेस्पीरेटरी मेडिसिन एवं सिलिकोसिस ब्लॉक, इन्स्टीट्यूट ऑफ स्पोट्र्स इन्जरी ब्लॉक एवं एमआरआई मशीन की स्थापना प्रमुख हैं। उक्त चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता होने पर अजमेर संभाग एवं परिक्षेत्र के गंभीर रोगों से ग्रसित मरीजों को जयपुर, दिल्ली एवं अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा।
वर्तमान में राज्य के सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी विभाग बन चुके हैं लेकिन उक्त संस्थान में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का अभाव होने से उक्त ब्लॉक की स्थापना की महती आवश्यकता है। अत: सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक हेतु लगभग 200 करोड़ रुपए के बजट की आवश्यकता है। चूंकि अजमेर संभाग में खनन कार्य अधिक होने से श्वास सम्बन्धित रोगियों एवं सिलिकोसिस मरीजों की अधिकता है। अत: इनके समुचित उपचार हेतु उक्त संस्थान में रेस्पीरेटरी मेडिसिन एवं सिलिकोसिस ब्लॉक के निर्माण हेतु लगभग 100 करोड़ रूपये के बजट की भी आवश्यकता है। वर्तमान में राजस्थान प्रदेश में स्पोटर््स इन्जरी का कोई भी सेन्टर नहीं है। इस बाबत् मजबूरीवश मरीजों को अन्य राज्यों में जाकर ईलाज करवाना पड़ रहा है जिससे अनावश्यक आर्थिक एवं मानसिक दबाव रहता है। चूंकि अजमेर जिला राजस्थान राज्य के हृदयांचल में स्थित जिला होने के कारण यहॉ इन्स्टीट्यूट ऑफ स्पोट्र्स इन्जरी ब्लॉक की स्थापना किये जाने की महती आवश्यकता है। इस हेतु लगभग 80 करोड़ रूपये के बजट की आवश्यकता है। उक्त चिकित्सा संस्थान में मरीजों की अधिकता के देखते हुए इनके समुचित ईलाज एवं उपचार में सहायक सुविधाओं के रूप में आवश्यक एमआरआई मशीन की महती आवश्यकता है। इस हेतु आवश्यक 5 टेस्ला एमआरआई मशीन की स्थापना हेतु लगभग 15 करोड़ रूपए के बजट की आवश्यकता होगी। हालांकि वर्तमान में निजी फर्म द्वारा उक्त जॉच सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है जोकि पर्याप्त नहीं है। अत: चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभागीय कार्ययोजना अन्तर्गत अथवा राज्य सरकार को आवंटित चिकित्सा बजट के अन्तर्गत उक्त चारों चिकित्सा सुविधाओं की समुचित उपलब्धता की स्वीकृति हेतु आवश्यक बजट राशि जारी कराकर मुझे व्यक्तिश: अनुग्रहित करावें।

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