किसानों को मिले खराबे का मुआवजा : चौधरी

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प्रदेश में हो खराबे की फसलों की गिरदावरी एवं सर्वे कार्य, किसानों को मिले मुआवजा – सांसद भागीरथ चौधरी

सांसद चौधरी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री एवं मुख्य सचिव को लिखा पत्र, रखी मांग

दलहन एवं तिलहन की दोनो फसलों में हुए खराबे से प्रदेश का किसान है विचलित

अजमेर. अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी ने अजमेर संसदीय क्षेत्र के साथ साथ राजस्थान में अतिवृष्टि की मार एवं कुछ स्थानों पर मानसून की अनियमितता के चलते सूखे के कारण खराब हुई खरीफ फसलों की गिरदावरी एवं सर्वे करवा कर अविलम्ब मुआवजा दिलाने हेतु प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कृषि मंत्री लालचन्द कटारिया एवं मुख्य सचिव उषा शर्मा को पत्र लिखकर, आवश्यक कार्यवाही शीघ्र कराने की मांग रखी। सांसद चौधरी ने अपने पत्र में लिखा कि प्रदेश में खरीफ फसल 2022 काश्तकारों द्वारा मेहनत करके बोयी गई थी, लेकिन बोयी गई फसल गत दिनों में हुई अतिवृष्टि के चलते खेतों में खडी एवं लहलहाती दलहन व तिलहन की दोनो फसलें जैसे मुंग, उडद, ग्वार, मोठ, चवला, तिल, मुगंफली आदि फसले अजमेर संसदीय क्षेत्र के साथ-साथ सम्पूर्ण प्रदेश में लगभग 80-90 प्रतिशत खराब और चौपट हो चुकी है। प्रदेश में कई स्थानो पर मानसुन के दोरान पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण अधिकांश फसले नष्ट हो गई तो दूसरी ओर कुछ जिलों में फसलों में खराबा लगातार अधिक बारिश का बार-बार होना बताया जा रहा है। जिसके कारण बोयी गई फसल सुचारू रूप से विकसित नहीं हो पायी। ज्ञात रहें कि गत जनवरी 2022 माह में भी प्रदेश में कई स्थानों पर ओलावृष्टि के चलते रबी फसल 2021 की अधिकतर फसले नष्ट हो गई, और अब खरीफ फसल 2022 भी अतिवृष्टि एवं मानसून की अनियमितता के कारण चौपट हो गई है। जिससे अब प्रदेश का किसान मानसिक रूप से विचलित हो गया है। प्रदेश में खरीफ फसल 2022 के खराबे की गिरदावरी एवं जांच कराने हेतु सम्बंधित बीमा कम्पनीयों एवं विभागीय अधिकारीयों द्वारा ठोस प्रशासनिक कार्यवाही की जानी अपेक्षित है। अतः इस हेतु निर्देशित करावें। क्योंकि पिछले वर्ष भी बीमा कम्पनियों द्वारा नुकसान का सर्वे नहीं करने की वजह से किसानों को बीमा कम्पनियों एवं संबंधित अधिकारीयों की लापरवाही की वजह से अजमेर संसदीय क्षेत्र के साथ साथ प्रदेश के अनेक जिलो में किसानों को समुचित मुआवजा नहीं मिल पाया था। वर्तमान में ऐसी स्थिति हो गई है कि प्रदेश में कई स्थानों पर किसान बैंक एवं साहूकार से कर्ज लेकर फसल खराब हो जाने के कारण कर्जदार हो गये है। उन्हें अपने परिवार का पालन पोषण करने में आर्थिक तंगी के कारण कई परेशानियों का सामना करना पड रहा है। इस संबंध में प्रदेश में जगह-जगह किसानों एवं ग्रामीणों द्वारा गत रबी फसल के बकाया मुआवजो के साथ-साथ खरीफ फसल 2022 सर्वे के आधार पर हुए खराबे का मुआवजा अविलम्ब दिलवाने हेतु मांग की जा रही हैं। अतः आप प्रदेश में खरीफ फसल 2022 की खराबे की जांच/सर्वे कराने एवं खराबे की गिरदावरी कराने के अविलम्ब आदेश प्रदान कराकर मुआवजा की राशि एवं फसल बीमा राशि यथाशीघ्र काश्तकारों को उपलब्ध कराने हेतु संबंधित बीमा कंपनियों एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करावें ताकि पीडित आपदाग्रस्त किसानों के जीवन को बचाया जा सके, और उन्हें समुचित आर्थिक राहत दिलाई जा सकें।

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