China चीनी कंपनी का अनोखा ऑफर : बच्चे पैदा करो और 11.50 लाख ले जाओ

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नई दिल्ली। दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश चीन वन चाइल्ड पॉलिसी के बाद घट रही जनसंख्या से परेशान है। इसी के चलते चीन ने अपनी वन चाइल्ड पॉलिसी भी वापस ले ली है। आबादी बढ़ाने के लिए चीन की कम्युनिस्ट सरकार नित नए तरीके अपना रही है। इसके बाद भी चीन की जनसंख्या में कोई अपेक्षित बढ़ोतरी देखने को नहीं मिल रही है। चीन की सरकार तेजी से कम होती आबादी और बूढ़े होते लोगों की रफ्तार को रोकने के लिए शादी करने और बच्चे पैदा करने पर कई ऑफर दे रहा है। टाइम्स ऑफ इजरायल में प्रकाशित एक ब्लॉग में सीपीएफए (राजनीतिक और विदेशी मामलों के केंद्र) के अध्यक्ष फैबियन बौसार्ट ने कहा कि चीन ने प्रोत्साहन के रूप में बेबी बोनस, अधिक पेड लीव, टैक्स में कटौती और बच्चे का पालन-पोषण करने वाली सब्सिडी देने का ऐलान किया है। हाल ही चीन की एक कंपनी ने बच्चा पैदा करने के लिए कर्मचारियों को 90 हजार युआन करीब साढ़े 11 लाख रुपए नकद देने की घोषणा की है। चीन की सरकार बच्चे पैदा करने के लिए कई तरह के लोन भी ऑफर कर रही है।

चीन सरकार दे रही कई ऑफर

चीन के सरकारी अधिकारी तीसरा बच्चा पैदा करने के लिए संगठनों और स्थानीय प्रशासन के जरिए माता-पिता को प्रलोभन भी दे रहे हैं। बीजिंग डाबीनॉन्ग टेक्नोलॉजी ग्रुप ने कर्मचारियों को 90,000 युआन तक नकद, 12 महीने तक की मैटरनिटी लीव और 9 दिनों के पैटर्नल लीव सहित कई ऑफर दे रहा है। ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी ट्रिप डॉट कॉम ने भी कई अतिरिक्त लाभ देने की घोषणा की है। इसमें कंपनी मैनेजर्स को उनके अंडों को सुरक्षित रखने के लिए सब्सिडी भी शामिल है।

लगातार पांचवें साल घटी चीन की आबादी

चीन की जनसंख्या पिछले साल के अंत तक 1.4126 अरब रही यानी कुल आबादी में पांच लाख से भी कम की वृद्धि हुई है। चीन की जन्म दर लगातार पांचवें साल घटी है। ये आंकड़े विश्व की सबसे ज्यादा आबादी वाले देश के ऊपर मंडराते जनसांख्यिकी खतरे और उसके चलते होने वाले आर्थिक खतरे को लेकर डराने वाले हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (एनबीएस) ने कहा कि 2021 के अंत तक चीन के मुख्य भूभाग में आबादी 2020 की 1.4120 अरब से बढक़र 1.4126 अरब रही। एनबीएस के आंकड़ों के मुताबिक चीन की जनसंख्या 2020 की तुलना में एक साल में 4,80,000 बढ़ी। 2021 में 1.06 करोड़ बच्चों ने जन्म लिया, जो 2020 के 1.20 करोड़ के मुकाबले कम था।
शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार इस आंकड़े में हांगकांग और मकाउ के निवासी तथा मुख्य भूमि के 31 प्रांतों, स्वायत्त क्षेत्रों और नगर पालिकाओं में रहने वाले विदेशी शामिल नहीं हैं। एनबीएस के आंकड़ों के अनुसार 2021 में दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाले देश में नवजात शिशुओं की संख्या 1.062 करोड़ थी जबकि जन्म दर 7.52 प्रति हजार दर्ज की गई थी। पिछले वर्ष राष्ट्रीय मृत्यु दर 7.18 प्रति हजार दर्ज की गई थी, जिससे राष्ट्रीय वृद्धि दर 0.34 प्रति हजार रही थी। ऐसे में घटती जन्मदर और बूढ़ों की बढ़ रही संख्या ने चीन की सरकार की नींद उड़ा दी है। इससे भविष्य में उत्पादकता घटने से चीन को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।

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