मुख्यमंत्री गहलोत ने किया जयपुर के सिटी पार्क का लोकार्पण

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पार्क की खूबसूरती को देख मुख्यमंत्री के ठहरे कदम
अपलक निहारते रहे.
“जितना सुना था उससे भी अद्भुत है सिटी पार्क
राजस्थान आवासन मण्डल का निर्माण काबिले तारीफ

जयपुर, 21 अक्टूबर । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर के मानसरोवर में
राजस्थान आवासन मण्डल द्वारा विकसित किये गये प्रदेश के अनूठे एवं शानदार सिटी
पार्क का शुक्रवार को लोकार्पण किया। श्री गहलोत यहां करीब एक घंटे तक ठहरे और
इस दौरान उन्होंने इस अद्भुत पार्क के मन मोह लेने वाले नजारों को अपलक निहारा ।
सिटी पार्क की सघन हरियाली, आकर्षक स्कल्पचर्स, रोमांचित कर देने वाली
लाइटिंग तथा प्रदेश के सबसे ऊंचे 213 फीट राष्ट्रीय ध्वज से प्रभावित हुए मुख्यमंत्री ने
कहा कि जयपुर का यह सबसे खूबसूरत पार्क है और इसके बारे में जैसा सुना था यह
उससे भी अधिक सुंदर और मनोहारी है। सीएम गहलोत ने इस पार्क के निर्माण के लिये
राजस्थान आवासन मण्डल के आयुक्त पवन अरोडा को बधाई दी और कहा कि जितने
कम समय में उन्होंने अपनी टीम के साथ रात दिन मेहनत कर इसे विकसित किया है,
वह वाकई में काबिले तारीफ है। जयपुरवासियों को इस पार्क का बेसब्री से इन्तजार था
जो आज पूरा हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की सुन्दर नर्सरी की तर्ज पर जिस सलीके से यह
पार्क तैयार किया गया है। यह अद्भुत नजारा ऐसा है मानों सिंगापुर में बैठे हों। उन्होंने
कहा कि गत सरकार के समय रोडवेज और आवासन मण्डल जैसी संस्थाओं के ताले
लगने की नौबत आ गई थी लेकिन हमारी सरकार की सोच संस्थाओं को ताले लगाने की
नहीं उन्हें फिर से मजबूत करने की है। आवासन आयुक्त पवन अरोडा के नेतृत्व में मंडल
के अधिकारियों-कर्मचारियों की अथक मेहनत एवं प्रयासों से मंडल फिर से अपने पैरों पर
खड़ा हुआ है। गहलोत ने सबसे पहले इस पार्क के प्रमुख आकर्षण मध्यम मार्ग एंट्रेंस प्लाजा
के विशाल गुम्बदनुमा स्टील स्ट्रक्चर की भव्यता को देखा और इससे काफी प्रभावित हुए ।
यहां वाटर बॉडी में गिरते फव्वारों तथा पानी की बूंदों को देखकर मुख्यमंत्री के कदम ठहर
गये और उन्होंने इस नजारे का भरपूर लुत्फ उठाया ।
यहां से आगे बढ़ते ही राजस्थानी आन-बान-शान की प्रतीक वेशभूषा पहने एक
ग्रामीण के स्कल्पचर को देखकर वे मंत्रमुग्ध हो उठे। इस स्कल्पचर के साथ उन्होंने सेल्फी
भी ली और वॉकिंग ट्रेक पर करीब 100 मीटर पैदल चलकर मध्यम मार्ग प्लाजा, अन्य
स्कल्पचर्स, विशिष्ट कलाकृतियों के साथ ही फ्लॉवर शो एरिया को निहारा । यहां 20 फीट
चौडे वॉकिंग ट्रैक पर मधुर संगीत के बीच घूमने को उन्होंने अविस्मरणीय अनुभव बताया।
आवासन आयुक्त पवन अरोडा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि करीब 3.5 कि.मी.
लम्बे इस ट्रैक पर भ्रमण करते हुए विजिटर्स लाइट म्यूजिक का आनंद उठा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने विदेशी तर्ज पर बनी वाटर हट को देखा और कहा कि पार्क में घूमने
आने वाले लोगों के लिये जिस कॉन्सेप्ट पर सुविधा देने का प्रयास मण्डल ने किया है वह
अद्भुत है।
मुख्यमंत्री ने यहां से गोल्फ कार्ट पर बैठकर पूरे पार्क का अवलोकन किया और
राष्ट्रीय ध्वज स्थल पहुंचे। यहां आर्मी के बैण्ड तथा घुडसवारों की टोली ने उनका स्वागत
किया। गहलोत ने राजस्थान के सबसे ऊंचे (213 फीट) राष्ट्रीय ध्वज को निहारा । यहां
रॉक फाउंटेन तथा 2 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैली प्राकृतिक छटा से भरपूर मनोरम
लोअर लेक को देखकर उन्होंने इस नायाब पार्क का सबसे प्रमुख आकर्षण बताया।
कार्यक्रम में नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री
अशोक गहलोत के विजन के कारण आज आवासन मण्डल न केवल अपने पैरों पर खडा
हुआ है बल्कि दौडने लगा है। जो सम्पत्तियां बिक नहीं रही थी । पारदर्शिता से उनका
ऑक्शन कर तथा बकाया लीज की वसूली सहित राजस्व अर्जन के प्रयासों के माध्यम से
मण्डल की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया गया। नतीजा यह है कि आज मण्डल
कोचिंग हब, विधायक आवास, कान्स्टीट्यूशन क्लब जैसे लीक से हटकर प्रोजेक्ट पर तेजी
से काम कर रहा है। आवासन आयुक्त पवन अरोडा इसके लिये बधाई के पात्र हैं। मण्डल
को अच्छे कामों के लिये एक दर्जन से अधिक पुरस्कार मिल चुके है। विधायक अशोक
लाहोटी ने भी सिटी पार्क के नजारे को सिंगापुर के समान बताया । प्रमुख शासन सचिव
नगरीय विकास कुंजीलाल मीना ने आभार व्यक्त किया।
इससे पहले आवासन आयुक्त पवन अरोडा ने मुख्यमंत्री, नगरीय विकास एवं
आवासन मंत्री सहित अन्य अतिथियों को अवगत कराया कि मण्डल ने सिटी पार्क के
विकास में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जल संरक्षण को भी प्रमुखता दी है। भूमिगत
जल का उपयोग पार्क में पेड-पौधों की सिंचाई के लिये न हो इसके लिये दूरदर्शिता रखते
हुए द्रव्यवती नदी के पास 2 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पहले ही तैयार कर
लिया गया था। पिछले करीब 2 माह से प्लांट के ट्रीटेड पानी का उपयोग पार्क में सिंचाई
के लिये हो रहा है। इस प्रकार यह पार्क पर्यावरण संरक्षण के साथ जल संरक्षण के प्रति
मण्डल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आवासन आयुक्त ने बताया कि पार्क में सीजनल फुलवारी के लिये सर्दियों में
नवम्बर माह से फरवरी माह तक जयपुर फुलवारी शो आयोजित किया जाएगा। इसके लिये
सिटी पार्क में विशेष स्थान बनाया गया है। सिटी पार्क में बडी संख्या में फूलों के पौधे
लगाए गए है।
समारोह में जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी, तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष
गर्ग, विधायक गंगा देवी, बाबूलाल नागर, रफीक खान, मुख्य सचिव
उषा शर्मा, पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर, प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास
कुंजीलाल मीना ने भी पार्क का अवलोकन किया ।
राजस्थान का सबसे ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज और
मध्यम मार्ग एंट्री प्लाजा का भव्य स्टील स्ट्रक्चर प्रमुख आकर्षण
आवासन आयुक्त पवन अरोडा ने बताया कि सिटी पार्क की महत्वाकांक्षी
परियोजना के प्रथम चरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। प्रथम चरण में मध्यम मार्ग पर
निर्मित भव्य एंट्री प्लाजा का गुम्बदनुमा स्टील स्ट्रक्चर, आकर्षक फाउंटेन तथा राजस्थान
का सबसे ऊंचा (213 फीट) राष्ट्रीय ध्वज एवं इसके निकट करीब 2 हजार वर्ग मीटर
क्षेत्रफल में मनोरम लोअर लेक इस पार्क की प्रमुख विशेषता है। पार्क में 20 फीट चौडा
एवं 3.5 कि.मी. लम्बा जॉगिंग ट्रेक बनाया गया है। जिस पर भ्रमण करते हुए लोग
आकर्षक लाइटिंग एवं म्यूजिक का आनंद ले सकेंगे ।
पार्क में है विशिष्ट कलाकृतियों का अनूठा संसार अरोड़ा ने बताया कि प्रथम चरण में ही पत्थर एवं मेटल से बनी 17 विशिष्ट
कलाकृतियां (स्कल्पचर्स), टॉयलेट ब्लॉक, 2 पार्किंग एरिया, ऑक्सी हब, रॉक फाउंटेन,
बैठने के लिये आकर्षक बैंचें एवं आर. ओ. वाटर पेयजल स्टेशन के काम किये गये हैं।
प्रथम चरण के कार्यों के लिये 61.31 करोड के कुल 34 कार्यादेश जारी किये गये जिनके
विरूद्ध 54.99 करोड की राशि से इन सभी कार्यों को पूरा कर लिया गया है ।
आवासन आयुक्त ने बताया कि दूसरे चरण में फाउंटेन स्क्वायर, वी.टी. रोड,
अरावली मार्ग एवं न्यू सांगानेर रोड पर एंट्री प्लाजा, बॉटेनिकल गार्डन, एक्सपोजिशन
ग्राउंड, जयपुर चौपाटी की तर्ज पर फूड कोर्ट का निर्माण तथा 2500 वर्गमीटर क्षेत्रफल में
अपर लेक के कार्य निर्माणाधीन हैं। जिनकी पूर्णता पर 58.54 करोड की राशि व्यय होना
सम्भावित है।

पार्क में है विशिष्ट कलाकृतियों का अनूठा संसार अरोड़ा ने बताया कि प्रथम चरण में ही पत्थर एवं मेटल से बनी 17 विशिष्ट
कलाकृतियां (स्कल्पचर्स), टॉयलेट ब्लॉक, 2 पार्किंग एरिया, ऑक्सी हब, रॉक फाउंटेन,
बैठने के लिये आकर्षक बैंचें एवं आर.ओ. वाटर पेयजल स्टेशन के काम किये गये हैं।
प्रथम चरण के कार्यों के लिये 61.31 करोड के कुल 34 कार्यादेश जारी किये गये जिनके
विरूद्ध 54.99 करोड की राशि से इन सभी कार्यों को पूरा कर लिया गया है।
आवासन आयुक्त ने बताया कि दूसरे चरण में फाउंटेन स्क्वायर, वी.टी. रोड,
अरावली मार्ग एवं न्यू सांगानेर रोड पर एंट्री प्लाजा, बॉटेनिकल गार्डन, एक्सपोजिशन
ग्राउंड, जयपुर चौपाटी की तर्ज पर फूड कोर्ट का निर्माण तथा 2500 वर्गमीटर क्षेत्रफल में
अपर लेक के कार्य निर्माणाधीन हैं। जिनकी पूर्णता पर 58.54 करोड की राशि व्यय होना
सम्भावित है।
मिलेगी स्वच्छ आबोहवा
अरोड़ा ने बताया कि करीब 52 एकड भूमि पर विकसित इस पार्क से
मानसरोवर एवं इसके आस-पास की कॉलोनियों में बसे लाखों लोगों को स्वच्छ आबोहवा
मिलेगी। आवासन आयुक्त ने बताया कि यहां 32 विभिन्न प्रजातियों के 25 हजार फूलदार
एवं फलदार पौधे तथा लगभग 40 हजार फुलवारी (Shrubs) लगाए गए हैं। जापानी
मियावाकी पद्धति से पौधारोपण किया गया है ।
15 आवासीय योजनाओं में निर्मित 2967 आवासों का भी लोकार्पण
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के 11 विभिन्न शहरों की 15 आवासीय योजनाओं में
निर्मित 2967 आवासों का लोकार्पण किया। मंडल इन योजनाओं के आवंटियों को
जल्द ही आवासों का कब्जा पत्र दिया जाएगा। बजट घोषणा 2021-22 के क्रम में इन
आवासों का निर्माण समय से पूर्ण किया गया है। ये आवास वाटिका एवं महला आवासीय
योजना (जयपुर) तथा महात्मा गांधी सम्बल आवासीय योजना फेज प्रथम एवं द्वितीय बड़ली
(जोधपुर) के साथ ही नसीराबाद, किशनगढ़, निवाई, आबूरोड, उदयपुर, भीलवाड़ा, शाहपुरा,
भिंडर तथा बांसवाड़ा जैसे छोटे शहरों की योजनाओं में बनाए गए हैं। इनमें ज्यादातर
मकान ईडब्ल्यूएस एवं एलआईजी श्रेणी के हैं। इससे जरूरतमंद वर्ग के लोगों के घर का
सपना साकार हो सकेगा।

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