नेवर में अतिक्रमण के बहाने बदल दिया सड़क का रास्ता

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नेवर गांव होकर बनाई जा रही सडक का बंद पड़ा कार्य।

ग्रामीणों को पहले दी सौगात फिर छीनने का प्रयास
दूधली मोड हाइवे से लोटवास सडक का मामला
जमवारामगढ़ विधायक व पीडब्ल्यूडी एक्सईन की मनमानी

जमवारामगढ़, 12 मार्च। राज्य सरकार की ओर से पूर्व में बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जमवारामगढ़ विधायक गोपाल मीणा की मांग पर दूधली मोड़ हाइवे से लोटवास तक सात मीटर चौडी सडक स्वीकृत की थी।सडक बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी के करीब 60 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। यह सड़क स्वीकृत होते ही लोगों में रोजगार की खुशी जगी थी और जनप्रतिनिधियों ने सडक की खुशी में खूब स्वागत भी कराया था।

इस सडक का जमवारामगढ़ विधायक गोपाल मीणा, जमवारामगढ़ प्रधान रामफूल गुर्जर, आंधी प्रधान मानसी मीणा व नेवर सरपंच मन्ना देवी मीणा ने 29 दिसंबर 2021 को शिल्यानास किया।सडक का शिलान्यास होते ही लोगों में खुशी का माहौल हुआ था। लेकिन यह सडक चौडाईकरण अब नेवर गांव के पास होकर नहीं होगा। पीडब्ल्यूडी ने नेवर गांव में सडक के नजदीक ज्यादा अतिक्रमण होने का हवाला देते हुए इस सडक को गुढावास गांव के नर्सरी के पास होकर निकालने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके लिए पीडब्ल्यूडी के एईएन एवं एक्सईन ने मौका निरीक्षण कर लिया है।जिससे अब नेवर मुख्य गांव के अंदर होकर सडक नहीं निकलने से नेवर गांव के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। नेवर मुख्य गांव के पास होकर सडक नहीं बनने से लोगों में जन प्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी है।

विधायक भी कर रहे अनदेखी

दूधली मोड से लोटवास सडक बनाने के लिए मेसर्स लटाला कंस्ट्रक्शन कंपनी के टेंडर है। कंपनी के ठेकेदार ने नेवर गांव की सीमा में भी सडक तैयार करने के लिए नाप जोख करके पिलर भी खडे कर दिए। साथ ही सडक बनाने के लिए कार्य चालू कर दिया, लेकिन अचानक नेवर गांव में सडक कार्य को बंद कर दिया। लोगों को इस गांव होकर सडक नहीं निकलने की जानकारी मिलने पर विधायक गोपाल मीणा को भी इस मामले से अवगत कराया है। लेकिन अभी नेवर गांव के लोगों की कोई सुनवाई नहीं कर रहा है।

सडक नहीं बनने से होगा लोगों को नुकसान

स्थानीय ग्रामीण छोटूराम मीणा, भैरु लाल मिस्त्री, नंदलाल गुर्जर, गेंदीलाल गुर्जर, छोटूराम छावडी, मांगीलाल गुर्जर, रामसिंह छावडी, नाथूलाल छावडी, घासीलाल मीणा, पूरण मीणा, गंगासहाय गुर्जर सहित अनेक लोगों ने बताया कि अगर नेवर मुख्य गांव होकर सडक नहीं निकलती है तो नेवर मुख्य गांव के लोगों के सामने आवागमन की सबसे बड़ी समस्या उत्पन्न होगी। बस सेवा सहित अनेक आवागमन के साधन नेवर गांव में नहीं आकर बाहर से ही निकल जायेंगे। इससे लोगों को करीब दो किलोमीटर दूर जाकर बस सेवा मिलेगी।जबकि यह सडक बजट सत्र के दौरान स्वीकृत सडक में नेवर मुख्य गांव का नाम था। पीडब्ल्यूडी ने सडक स्वीकृत होने से पहले सभी गांवों का सर्वे करके नक्शा तैयार होने के बाद ही सडक बनाने के लिए ठेकेदार के टेंडर दिया था। जबकि अब इसमें नेवर गांव की मात्र कुछ ढाणियां शामिल हो रही है।

इन गांवों से गुजरनी हैं सड़क

पीडब्ल्यूडी विभाग एईएन नंदलाल मीणा ने बताया कि ग्राम श्यामपुरा, खतेहपुरा, मुकसुदनपुरा, नेवर, गांवली, बिरासना, श्रीरामपुरा, आंधी, सायपुर, भावनी खूर्द, भावनी, दातली, मंहगी के गांवों को इस सडक से जोडना है, लेकिन सड़क इनमें से नेवर गांव के अंदर होकर नहीं निकाली जा रही है। गुढावास गांव की सीमा होकर सडक निकालने से लोगों को निराशा हाथ लगी है।

60 करोड़ में बनेगी 23 फीट चौड़ी सड़क

60 करोड़ की लागत से बनेगी सडक।
सात मीटर यानी 23 फिट चौडाईकरण में होगा डामरीकरण।
इस सडक से करीब दर्जन भर गांवों के लोगों को मिलेगा लाभ।

अब नेवर से सड़क नहीं निकलेगी

हम तो नेवर गांव होकर सडक बनाना चाहते हैं। लेकिन नेवर गांव में सडक में घुमाव ज्यादा है तथा एक दो लोगों के मकान भी आ रहे हैं। इसलिए सडक को गुढावास नर्सरी के पास होकर टाटुओ की ढाणी में जोडने के लिए मैं और एक्सईएन साहब ने निरीक्षण कर लिया है। शीघ्र सडक बनाई जायेगी।-नंदलाल मीणा, एईएन पीडब्ल्यूडी, खंड बस्सी।

छिन जाएगा रोजगार

नेवर गांव होकर सडक नहीं बनाकर दूसरे गांव की सीमा होकर सडक बनाने की तैयारी है। नेवर गांव होकर सडक नहीं बनी तो लोगों का रोजगार छीनेगा। हमने विधायक से मिलकर नेवर गांव होकर ही सडक बनवाने की मांग की है। -भैरु लाल मीणा, स्थानीय ग्रामीण नेवर।

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