दलितों व पिछड़ों के मसीहा थे बाबा साहेब आंबेडकर

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रलावता में मनाई अंबेडकर जयंती

किशनगढ़, 15 अप्रेल। जाति-पाति, छूत अछूत, ऊंच नीच आदि विभिन्न सामाजिक कुरीतियों के दौर में एक ऐसी असाधारण शख्सियत का अवतरण इस धरती पर हुआ, जिसने समाज मे एक नई क्रांतिकारी चेतना व सोच का सूत्रपात किया। यह बात गुरुवार को ग्राम पंचायत रलावता के मेघवाल सामुदायिक भवन में संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की 131वीं जयंती पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि खातौली सरपंच व सरपंच संघ जिलाध्यक्ष हरिराम बना ने कही। उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर दलित, पिछड़ों व महिलाओं के मसीहा थे।

भीमदल महासंघ रलावता के संचालक व राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुरसुरा मण्डल उपाध्यक्ष हनुमान मेघवाल ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ अंबेडकर साहब की प्रतिमा के समक्ष मोमबत्ती जलाकर व पुष्प अर्पित करके किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और वक्ताओं ने बाबा साहब के गुणों का खूब बखान किया।

समारोह में मुख्य अतिथि रलावता सरपंच महेश कुमावत ने कहा कि अपने कर्म से पीछे मत रखिए। इतिहास साक्षी है कि बाबा साहब अंबेडकर ने किन परिस्थितियों में संविधान निर्माण जैसा कार्य किया है। सामाजिक एकता की ओर इशारा करते हुए कहा कि शिक्षित बनिये और संगठित रहिये। आयोजित समारोह के अध्यक्षता करते हुए रामस्वरूप नौदल ने बाबा साहब के पद चिन्हों पर चलने का आग्रह किया व समाज को नशे से दूर रहने के लिए कहा। नशा एक बहुत बड़ी बीमारी है। इससे घर बर्बाद होते हैं। समारोह के अतिथि के रूप में ग्राम पंचायत के वार्ड मेंबर रणजीत बडारिया, राजू जी धोबी, रामरतन माली, सुरेश मेघवाल थे। समारोह में मंच संचालन सोनू बडारियां ने भी बाबा साहब के प्रति अपने विचार रखें। समारोह में छोटे बच्चों को शिक्षा की ओर प्रेरित करने के लिये अतिथियों ने पेन-कॉपी का वितरण किया।समारोह में बालकिशन मेघवाल, बर्मा, रोडू मेघवाल, रोडू डिया, सुरेश बरवड, चेतन प्रकाश, मनोज, सोनू नौदल, मुकेश सादावत, रामबकश, राम सिंह रलावता, कालू , प्रवीण मट्टू , जयराम मेघवाल, योगेश बड़ारिया, नंदकिशोर माली, हरिराम गुर्जर, विष्णु वर्मा, दीपू, ओम प्रकाश मेघवाल, प्रभु वर्मा, कुलदीप, आकाश, कालूराम बुगालिया, मनीष बड़ारिया आदि लोग मौजूद रहे।

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