एक करोड़ बच्चों ने एक साथ देशभक्ति गीत गाकर बनाया विश्व रिकॉर्ड

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सीएम गहलोत ने कहा कार्यक्रम से जन जन तक पहुंचेगा देशभक्ति, भाईचारे और तरक्की का संदेश
स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान व संघर्षों से हासिल हुई आजादी
75 वर्षों में देश ने हर क्षेत्र में हासिल की शानदार उपलब्धियां
शिक्षा एवं स्वास्थ्य में राजस्थान बन रहा मॉडल स्टेट


जयपुर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की उपस्थिति में 12 अगस्त को एसएमएस स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ ही प्रदेशभर में हुए कार्यक्रमों में राज्य के सरकारी एवं निजी स्कूलों के एक करोड से अधिक विद्यार्थियों ने एक साथ देशभक्ति गीतों का सामूहिक गायन कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। आजादी का अमृत महोत्सव के अन्र्तगत चल रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में शिक्षा विभाग तथा कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के सभी स्कूलों के विद्यार्थियों ने भाग लेकर देशभक्ति गीतों का सामूहिक गायन किया।
आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे अमृत महोत्सव के तहत राज्य, जिला, ब्लॉक तथा विद्यालय स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से एक करोड से अधिक विद्यार्थियों ने एक साथ देशभक्ति गीतों का गायन किया। बच्चों ने झण्डा ऊंचा रहे हमारा, सारे जहां से अच्छा, आओ बच्चों तुम्हे दिखाएं झांकी हिंदुस्तान की, हम होंगे कामयाब जैसे देशभक्ति से ओत प्रोत गीतों के साथ ही राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम एवं राष्ट्रगान जन गण मन का भी गायन किया। इस अवसर पर वल्र्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड के उपाध्यक्ष प्रथम भल्ला ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को विश्व रिकॉर्ड का प्रोविजनल सर्टिफिकेट प्रदान किया जिसे मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों और समस्त प्रदेशवासियों को समर्पित किया।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को बधाई देते हुए कहा कि एक करोड से अधिक बच्चों द्वारा देशभक्ति गीतों के सामूहिक गायन से प्रदेश में एक नया वातावरण तैयार होगा। इन तरानों में संविधान की रक्षा, आपसी भाईचारे व देश की आजादी में दिए गए बलिदानों सहित तमाम भावनाएं समाहित हैं। आज भारत में तीन चौथाई आबादी नौजवानों की है। नई पीढ़ी को इन गीतों के माध्यम से इन भावनाओं को आत्मसात करने का मौका मिलेगा। इससे युवाओं में देश की आजादी के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पं. जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद जैसे नेताओं द्वारा किए गए स्वतंत्रता आंदोलनों, भगतसिंह, चन्द्रशेखर आजाद, खुदीराम बोस जैसे नौजवानों के बलिदानों के प्रति श्रद्धा, डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित संविधान की रक्षा व साम्प्रदायिक सौहाद्र्र की भावना मजबूत होगी। सीएम गहलोत ने कहा कि सबसे पहले पं. जवाहर लाल नेहरू द्वारा 31 दिसंबर 1929 को राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। हमारा कर्तव्य है कि आजादी की 75वीं वर्षगाठ पर घर पर तिरंगा फहराकर अपने राष्ट्रभक्ति के संकल्प को मजबूत करें। हम सब अपने घरों पर तिरंगा फहराकर दुनिया को संदेश दें कि हिंदुस्तान में राष्ट्रभक्ति का अनूठा जज्बा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गत 75 वर्षों में देश ने अभूतपूर्व तरक्की की है। जहां आजादी के समय देश में सुई का भी उत्पादन नहीं होता था वहां आज विश्वभर में भारतीय उत्पादों का निर्यात हो रहा है। आईआईटी, आईआईएम, एम्स जैसे संस्थानों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के कारण पूरे विश्व में जाना जाता है। पानी, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से लेकर विज्ञान और तकनीकी शिक्षा में देश ने शानदार तरक्की की है। बडे बांधों के निर्माण से किसानों को सिंचाई जल मिला है और उनका जीवन स्तर सुधरा है। पडोसी देशों के विपरीत गत 75 वर्षों में देश में लोकतंत्र की जडे लगातार गहरी हुई हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने प्राणों का बलिदान देकर विघटनकारी शक्तियों से देश की अखण्डता की रक्षा की। आजादी के 75वें वर्ष में राजस्थान शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में मॉडल स्टेट बनकर उभरा है। महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों से गरीब विद्यार्थियों को नि:शुल्क अंग्रेजी शिक्षा दी जा रही है। वहीं चिरंजीवी योजना से आम जनता को मंहगे से मंहगा इलाज नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
सीएम गहलोत ने कहा कि शांति व भाईचारे के माहौल में ही प्रदेश का समुचित विकास संभव है। नेहरू, गांधी, पटेल व मौलाना आजाद जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के नेतृत्व में देश ने अंग्रेजों से लडकर स्वतंत्रता हासिल की है। एकजुटता, शान्ति, पारदर्शिता व विकासशीलता से ही देश की प्रगति का मार्ग प्रशस्त होगा। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को आपसी प्रेम तथा भाईचारे को मजबूत करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शांति व भाईचारे के अभाव में विकास ठप हो जाता है। देश में सभी जाति, धर्म व अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले लोग एकजुट रहें तथा देश के तिरंगे झण्डे को मान सम्मान के साथ फहराएं। सामूहिक गायन कार्यक्रम उपरांत मुख्यमंत्री एसएमएस स्टेडियम में उपस्थित बच्चों के बीच जाकर उनसे मिले तथा उनकी हौसला अफजाई की।
शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने कहा कि राष्ट्र आमजन की आस्था का सबसे बडा केन्द्र है। स्वतंत्रता सेनानियों के कडे संघर्ष से देश को अंग्रेजों, राजशाही व जागीरदारों से आजादी मिली। देश के प्रथम प्रधानमंत्री व स्वतंत्रता सेनानी जवाहरलाल नेहरू की उन सहित तीन पीढियां स्वतंत्रता आंदोलन से जुडी तथा आनंद भवन व स्वराज भवन जैसी इमारतें देश को समर्पित कर दीं। शिक्षा राज्य मंत्री जाहिदा खान ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान व शान है। उन्होंने कहा कि देशभक्ति गीत के इस सामूहिक गायन से नई पीढी को आजादी के संघर्षों से रूबरू करवाया गया है।
इस अवसर पर राजस्थान राज्य क्रीडा परिषद की अध्यक्ष कृष्णा पूनिया, मुख्य सचिव, उषा शर्मा, शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पवन कुमार गोयल, प्रमुख शासन सचिव कला एवं संस्कृति गायत्री ए. राठौड, माध्यमिक शिक्षा निदेशक गौरव अग्रवाल, राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् के राज्य परियोजना निदेशक डॉ. मोहनलाल यादव सहित विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।

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