भाजपा नेताओं ने किया विरोध प्रदर्शन

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जयपुर महापौर और तीन पार्षदों के निलंबन का जताया विरोध
राज्य सरकार पर तानाशाही का आरोप
राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन


जयपुर.
राज्य सरकार की ओर से जयपुर महापौर और तीन अन्य पार्षदों को निलंबित किए जाने के विरोध में मंगलवार को भाजपा सडक़ों पर उतर आई। यहीं नहीं बल्कि राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां ने यह भी कहा कि भाजपा सडक़ से सदन तक लडऩे के लिए तैयार है।
भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां के नेतृत्व में काली पट्टी बांधकर-काले झंडों के साथ भाजपा प्रदेश कार्यालय परिसर के बाहर धरना प्रदर्शन किया गया जिसमें प्रदेश संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अरूण चतुर्वेदी, जयपुर शहर सांसद रामचरण बोहरा, करौली-धौलपुर सांसद मनोज राजौरिया, राज्यसभा सांसद रामकुमार, विधायक एवं पूर्व मंत्री वासुदेव देवनानी, नरपत सिंह राजवी, प्रदेश उपाध्यक्ष सरदार अजयपाल सिंह, मुकेश दाधीच, माधोराम चौधरी, प्रदेश मंत्री श्रवण सिंह बगड़ी, बिजेन्द्र पूनिया, अशोक सैनी, प्रदेश मीडिया प्रभारी विमल कटियार, पूर्व महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर, उपमहापौर पुनीत कर्णावट, अजमेर नगर निगम उपमहापौर नीरज जैन, महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष अल्का मूंदड़ा, युवा मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष हिमांशु शर्मा, अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष एम. सादिक खान, अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एच खान, सोशल मीडिया प्रदेश प्रभारी हिरेन्द्र कौशिक सहित पार्टी के प्रमुख पदाधिकारी जनप्रतिनिधि एवं पार्षद मौजूद रहे।
डॉ. पूनियां ने कहा कि प्रदेशभर के एक हजार से अधिक मण्डलों पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए गहलोत सरकार की तानाशाही व असंवैधानिक फैसले के खिलाफ धरने-प्रदर्शन किये गये। भविष्य में भी जनहित के मुद्दों को लेकर जब जब जरूरत पड़ेगी भाजपा सडक़ से लेकर सदन तक लड़ाई लडऩे को तैयार है।
डॉ. पूनियां ने कहा कि जयपुर ग्रेटर नगर निगम की महापौर व तीन अन्य पार्षदों को निलम्बित किया जाना प्रतिशोध एवं विद्वेष को साबित करता है। नगरपालिका अधिनियम की धारा 39 का दुरूपयोग यह प्रदेश में पहली बार हुआ है। यह साफ तौर पर कांग्रेस की खीज और बौखलाहट है।

राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

भाजपा राजस्थान की ओर से भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां की अगुवाई में राज्य में कांग्रेस सरकार द्वारा कानून का दुरूपयोग कर जयपुर नगर निगम ग्रेटर की निर्वाचित भारतीय जनता पार्टी की महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर व निर्वाचित भारतीय जनता पार्टी के पार्षद अजयसिंह चैहान, शंकर शर्मा व पारस जैन को असंवैधानिक रूप से आदेश के विरूद्ध राज्यपाल कालराज मिश्र को ज्ञापन सौंपा गया।
इस दौरान प्रतिनिधिमण्डल में डॉ. पूनिया के साथ नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अरूण चतुर्वेदी, जयपुर शहर सांसद रामचरण बोहरा, करौली-धौलपुर सांसद मनोज राजौरिया, जयपुर शहर अध्यक्ष राघव शर्मा, विधायक नरपत सिंह राजवी, महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर, उपमहापौर पुनीत कर्णावट मौजूद रहे।
इस ज्ञापन में बीवीजी कंपनी की मनमानी, अलवर शहर में सभापति का मामला आदि तथ्य बताते हए अविलम्ब प्रकरण की जाँच कर राज्य सरकार द्वारा पारित आदेश 6-6-2021 को अपास्त किया जाकर महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर व पार्षद अजय सिंह चैहान, पारस जैन व शंकर शर्मा का निलम्बन बहाल किया जाए व दोषी अधिकारियों व राज्य सरकार के विरूद्ध कानून के तहत कार्यवाही की जाए।

बालिका की मौत पर साधा निशाना

जालौर जिले के रानीवाड़ा क्षेत्र के धोरों में प्यास से 6 साल की बच्ची की मौत व उसकी नानी के बेसुध होने के मामले पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा है। डॉ. पूनिया ने कहा कि प्यास से बच्ची की मौत हो जाना अशोक गहलोत सरकार के लिए शर्म की बात है। मोदी सरकार ने जल जीवन मिशन के अन्तर्गत राजस्थान को केन्द्रीय आवंटन में चार गुना वृद्धि को मंजूरी देते हुये वर्ष 2021-22 में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत 10 हजार करोड़ रूपये से अधिक का प्रावधान किया है। बावजूद गहलोत सरकार के शासन में प्यास से मौत हो जाना प्रदेश पर बड़ा कलंक है इससे प्रदेश शर्मसार हुआ है। उन्होंने कहा कि फ्री वैक्सीन व खाद्यान्न का इंतजाम तो प्रधानमंत्री ने कर दिया। मुख्यमंत्री को चाहिए कि राजस्थान के नौजवानों के लिए रोजी-रोटी का इंतजाम करें।

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