उत्तर पश्चिम रेलवे में ई ऑफिस लागू

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पर्यावरण की बचत के साथ कामकाज में आई तेजी


जयपुर.
उत्तर पश्चिम रेलवे की ओर से कागज बचाकर पेड़ों को बचाने के क्रम में उत्तर पश्चिम रेलवे पर सभी फाइलों एवं पत्रों का आदान प्रदान ई-ऑफिस द्वारा इलेक्ट्रॉनिक रूप से किया जा रहा है। इससे कामकाज में भी तेजी आई है और सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षित भी किया गया है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ले. शशि किरण के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक कार्यालय या ई-कार्यालय एक नवीन शब्द है जिसका प्रचलन कार्यालयों मे कंप्यूटर व उसकी मदद से बढ़ते हुए सूचना तकनीक के उपयोग के लिये किया जाता है। ई.ऑफिस ने सैद्धांतिक रूप से लागत कम करने और कागज की खपत को कम करने मे काफी योगदान दिया है। इलेक्ट्रॉनिक फाइल प्रणाली सरकारी कार्यालयों की पुरानी मैनुअल प्रक्रिया की तुलना में पारदर्शिता को बढ़ाता है। द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग ने अपनी 11 वीं रिपोर्ट में सुशासन प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में ई-गवर्नेंस को लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया था। नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए शासन को बदलने के लिए ई-गवर्नेंस प्रौद्योगिकी का उपयोग करने पर जोर दिया गया। इस क्रम में भारत सरकार के प्रतिष्टान नेशनल इन्फोर्मेटिक सेन्टर (एनआईसी) की अगुवाई में सभी सरकारी कार्यालयों मे ई-ऑफिस लागू करने की शुरुआत की गयी। इस क्रम में सर्वप्रथम रेलवे ने अपने यहाँ ई-ऑफिस का ई-लाइट वर्जन जोकि मुख्यत ऑफिस फाइलों से संबंधित है लागू करने का संकल्प किया। इस की अनुपालना में रेलवे बोर्ड ने चरणबद्ध तरीके से 2018 से संपूर्ण भारतीय रेलवे में ई.ऑफिस का शुभारंभ रेलटेल के सहयोग से कर करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। उत्तर पश्चिम रेलवे पर सर्वप्रथम 24-03-19 को प्रधान कार्यालय जयपुर व 23-04-19 को जोधपुर मंडल मंडल में ई-ऑफिस का शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात चरणबद्ध तरीके से सभी कार्यालयों पर ई ऑफिस का शुभारंभ करते हुए इसी वर्ष मार्च 2021 में बीकानेर कार्यशाला में ई-ऑफिस का शुभारंभ कर संपूर्ण उत्तर पश्चिम रेलवे पर ई. ऑफिस इम्प्लीमेंटेशन का कार्य विधिवत संपन्न किया जा चुका है।

कर्मचारियों को किया प्रशिक्षित

ई. ऑफिस कार्य को काल्पनिक स्वरूप से वास्तविकता के धरातल पर रूपांतरित करने के लिए सभी स्टाफ को प्रशिक्षण की समुचित आवश्यकता थी। इससे ध्यान मे रखते हुए सघन प्रशिक्षण कार्यक्रम की रुपरेखा तैयार की गई एवं रेलटेल के सहयोग से आज दिनांक तक प्रधान कार्यालय में लगभग 1528 कर्मचारियों को ई.ऑफिस प्रणाली पर दैनिक कार्य करने के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। वर्तमान में उत्तर पश्चिम रेलवे में ई-ऑफिस पर 54000 इलेक्ट्रॉनिक फाइल परिचालन में हैं तथा 400000 डाक्यूमेंट्स को ई.ऑफिस प्लेटफार्म पर प्रोसेस किया जा चुका है। पुराने रिकॉर्ड को भी ऑनलाइन ई.ऑफिस प्लेटफार्म पर लेने के उद्देश्य से सारे पुराने रिकॉर्ड के डिजिटाईजेशन की प्रक्रिया के तहत पुराने रिकॉर्ड के लाखों पृष्ठों की स्कैनिंग का कार्य भी पूर्ण हो चुका है।

इसके कई लाभ

ई-ऑफिस के निम्न फायदे है-
इससे फाइलों को ट्रैक किया जा सकता है और उनकी स्थिति हर समय पता की जा सकती है। किए गए कार्य की जिम्मेदारी की निगरानी करना आसान है। डेटा सुरक्षा और डेटा इन्रेग्रिटी संभव है। अनुत्पादक प्रक्रियाओं से कर्मचारियों की ऊर्जा और समय बचा कर नव सृजनता को बढ़ावा देना। सरकारी कार्य संस्कृति को बदलना और नैतिकता को बढ़ावा देना। देरी के मामले में निगरानी की जा सकती है। इस प्रणाली में फाइलों के गुम होने का प्रतिशत शून्य है।

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